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बैंकों में लगी रही कतार, हाथ में आए एक-एक हजार

Sat, 31 Dec 2016 12:28 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
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बिजनौर के एसबीआई में लगी ग्राहकों की कतार। - फोटो : अमर उजाला
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धामपुर में नोटबंदी के 50 दिन पूरे होने के बाद भी बैंकों में कैश की समस्या दूर नहीं हो पाई है। ग्राहकों को लंबी कतारों में लगने के बाद भी खाली हाथ लौटना  पड़ रहा है। ग्राहकों का कहना है नोटबंदी से राहत के दावे हवाई साबित हो रहे हैं। जरूरी खर्च चलाने के लिए भी ग्राहकों के पास पैसे नहीं है। मजदूर  काम छोड़कर बैंक की लंबी कतारों में सवेरे से आकर लग रहे हैं।
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शुक्रवार को भी बैंकों के बाहर ग्राहकों की लाइन कम नहीं हुई। धामपुर में भी बैंकों  के बाहर कतार में लगे ग्राहकों को खाली हाथ लौटना पड़ा। पीएनबी, एसबीआई,  कैनरा बैंक, एक्सिस बैंक, यस बैंक, यूनियन बैंक में ग्राहकों को कैश नहीं  मिल पाया। कोई भी ग्राहकों को सप्ताह में 24 हजार रूपये की नकदी नहीं दे पा  रहा है। एक दो हजार रुपये देकर ग्राहकों से पीछा छुड़ाया जा रहा है। इतनी नगदी से सारे काम संभव नहीं हैं।
अफजलगढ़ में पंजाब नेशनल बैंक में कैश की कमी होने के कारण सुबह बैंक खुलते ही नो कैश का बोर्ड टांग दिया गया। यही हाल स्टेट बैंक का रहा। ग्राहकों को स्टेट बैंक में भी कैश नहीं दिया गया। सहकारी बैंक में खानापूर्ति के लिए दो हजार रुपये दिए गए। नगर सहित ग्रामीण क्षेत्र के कई एटीएम डेढ़ माह बाद भी चालू नहीं किए गए। कासमपुरगढ़ी का एटीएम नोटबंदी के बाद से ही बंद पड़ा है। उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। एटीएम सिर्फ बैलेंस चैक करने का जरिया बने हुए हैं। कई बैंकों में तो अभी तक 500 रुपये देखने को नहीं मिले। जिला सहकारी प्रबंधक  योगेंद्र पाल सिंह का कहना है कि ऊपर से पैसा ही नहीं आ पा रहा है। लेकिन व्यापारियों से जो पैसा मिल रहा है। उसमें से ही एक और दो हजार रुपये देकर मैनेज किया जा रहा है। उधर बादीगढ़ के स्टेट बैंक में एक  सप्ताह बाद कैश बांटा गया। पीएनबी कासमपुरगढ़ी में ग्राहकों की सबसे ज्यादा  भीड़ देखी जा रही है। उधर, भाकियू ने बैंक कर्मचारियों पर धांधली करने का आरोप लगाते हुए बैंक के उच्च अधिकारियों से शिकायत की है। आरोप है कि नोटबंदी में कमीशन के आधार पर बैंक में गड़बड़ झाला किया गया है।
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भाकियू के ब्लॉक अध्यक्ष पुरुषोत्तम सिंह, संजीव कुमार, धर्मवीर सिंह, राजवीर सिंह, दीपक कुमार आदि ने एलडीएम को भेजे शिकायती पत्र में कहा है कि सदरूद्दीनगर स्थित ओबीसी की शाखा में दलालों के माध्यम से कमीशन पर रुपये दिए गए हैं। 
लोग सुबह से कैश लेने के लिए लाइनों में लगे रहते हैं, लेकिन कुछ लोगों को शाम के समय बुलाकर मोटी रकम दी जाती है। कई लोगों ने इसकी शिकायत भी की है। नोटबंदी होने पर बैंक में शुरू से ही गड़बड़ की गई है। 
इस मामले में बैंक प्रबंधक किसानों के प्रति लापरवाह है।गन्नें का भुगतान मिल आने के बाद भी बैंक में कई दिनों तक एडवाइज पासबुकों में नहीं चढ़ाई जाती है। जान बूझकर किसानों को परेशान किया जाता है। बैंक में कोई सुनवाई होने को तैयार नहीं है। प्रबंधक परवेन्द्र कुमार ने आरोपों को निराधार बताया है।
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