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बैंकों में कैश के लिए होता रहा हंगामा, जाम लगाया

Fri, 16 Dec 2016 11:38 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
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धामपुर के एचडीएफसी बैंक के बाहर लगी लोगों की भीड़। - फोटो : अमर उजाला
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धामपुर में नोटबंदी के बाद से कैश की किल्लत कम होने का नाम नहीं ले रही है। शुक्रवार को भी ग्राहकों को बैंकों की लंबी कतार में लगने के बावजूद कैश नहीं मिला। अधिकतर एटीएम शोपीस बने रहे। इसके चलते कुछ शाखाओं पर ग्राहकों ने काफी हंगामा किया। एसबीआई, पीएनबी, केनरा और एक्सिस बैंकों की शाखाओं में ऐसे ही हालात रहे।
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एसबीआई और पीएनबी में पुलिसकर्मियों से ग्राहक उलझते रहे। ग्राहकों का गुस्सा देखकर कुछ पुलिसकर्मी तो वहां से खिसक लिए। अन्य बैंकों में भी ग्राहकों और बैंककर्मियों में खींचतान चलती रही। ग्राहकों का आरोप है कि चार-चार दिन कतार में होने के बावजूद कैश नहीं मिल रहा है। एटीएम की सर्विस बदतर हो गई है। नगर में एक दो एटीएम  को छोड़ दें तो कोई नहीं चल रहा है। एसबीआई और पीएनबी के एटीएम एक सप्ताह से बंद पड़े हैं। 
उधर, अफजलगढ़ के एसबीआई में एक सप्ताह से बाद भी लाइनों में लगकर कैश न मिलने पर ग्राहकों का सब्र का बांध टूट गया। गुस्साए ग्राहकों ने पत्थर डालकर हाइवे जाम कर दिया। ग्राहकों ने केंद्र सरकार और आरबीआई के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्राहकों का कहना है कि उन्होंने अपना पुराना सभी पैसा बैंक में जमा करा दिया। आठ-आठ घंटे लाइन में लगने के बाद भी कैश नहीं मिल रहा है। सब्जी दूध और रोजमर्रा  के सामान खरीदने के लिए भी पैसे नहीं हैं। कामकाज छोड़कर लाइनों में लगना पड़ रहा है। बैंक कर्मी परेशान करने पर अड़े हैं। जाम से हाइवे पर वाहनों  की लंबी लाइन लग गई। आधा घंटा जाम की स्थिती बनी रही। पुलिस ने ग्राहकों को  समझा बुझाकर जाम खुलवाया। ग्राहकों का आरोप है कि पीएनबी कासमपुरगढ़ी,  स्टेट बैंक अफजलगढ़, द्वारिकेश शुगर मिल स्थित एटीएम, बस स्टैंड के बहार लगे एटीएम बंद पड़े हैं। स्टेट बैंक के प्रबंधक हरीश कुमार शर्मा का कहना है कि छोटे नोट उपलब्ध ना होने से एटीएम मात्र दो दिन ही चल सका। कादराबाद में सिंडिकेट बैंक के कार्यवाहक प्रबंधक रोहित कुमार का कहना है कि उनका एटीएम 10 दिन चला है। पीएनबी के कार्यवाहक शाखा प्रबंधक प्रभात कुमार ने बताया कि पीएनबी के बाहर लगा एटीएम  30 दिन लगातार चलाया। कासमपुरगढ़ी पीएनबी के प्रबंधक गौतम ने बताया कि उनके बैंक के बहार लगा एटीएम 12 दिन चला है। कुल मिलाकर स्थिति यह है कि अधिकतर एटीएम नोटबंदी के समय का संकट की घड़ी में साथ नहीं दे पा रहे हैं। उधर, स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक हरीश कुमार और पीएनबी के कार्यवाहक प्रबंधक प्रभात कुमार ने कहा कि ग्राहकों को थोड़ा धैर्य से काम लेना होगा। यह समस्याएं जल्द दूर हो जाएंगी।
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उधर, हल्दौर क्षेत्र के बैंकों पर कैश न मिलने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। गांव खासपुरा के सर्व यूपी ग्रामीण बैंक पर कैश न होने पर उपभोक्ताओं ने हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उपभोक्ताओं को शांत किया। खासपुरा के सर्व यूपी ग्रामीण बैंक में करीब चार दिन से कैश न आने पर उपभोक्ताओं ने जमकर हंगामा किया। उपभोक्ताओ मोहम्मद अंजार, महेंद्र सिंह,  फरीदा, मोहम्मद रफी व सलमानी का आरोप है कि उनको बैंक पर कैश नही ंदिया जा रहा है। इसके कारण उनके सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। चार दिन से वह बैंक के चक्कर काट रहे है, लेकिन कैश नहीं मिल रहा है। सरदार अतर सिंह का कहना है कि बैंक में कैश न मिलने से बच्चों के स्कूल की फीस भी जमा नहीं हो पा रही है। उपभोक्ता महेश त्यागी ने बताया कि कैश न मिलने से वह अपनी बीमार मां का इलाज भी नही करा पा रहा। मैनेजर त्रिलोकी नाथ का कहना है कि बैंक में केवल एक लाख से दो लाख के बीच कैश आ रहा है। दो दिन से बैंक में कैश न आने से उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उधर बिलाई के एसबीआई शाखा कैश न मिलने पर उपभोक्ताओं ने जमकर हंगामा किया मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी निरीक्षक अख्तियार अहमद अंसारी ने खाताधारकों का समझाकर मामला शांत किया।
नो कैश का बोर्ड मिला तो जाम लगाया ः चांदपुर। नोटबंदी से परेशान ग्राहक बैंक पर नो कैश का बोर्ड देख भड़के उठे। ग्राहकों ने बैँक के सामने बिजनौर हाईवे पर जाम लगा दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाकर जाम खुलवाया। नोटबंदी के चलते बैंकों पर लेन-देन के लिए मारामारी जारी रही। लंबी कतारों में ग्राहक कैश मिलने को बेताब रहे। शुक्रवार को भी नगर के किसी बैंक में कैश मिला और किसी में नहीं। एसबीआई स्याऊ के बाहर नो कैश का बोर्ड लगा देख बैंक खुलने से पहले ही लाइन में लगने के लिए पहुंचे लोग भड़क गए। लोगों ने बैंक के सामने रोड पर जाम लगा दिया। 

अब अंगूठे के निशान 
से कीजिए लेन-देन
अमर उजाला ब्यूरो
बिजनौर। बचत खातों से आधार नंबर लिंक कराने वाले उपभोक्ता अब आधार अनेबिल्ड पेमेंट सिस्टम के जरिये अंगूठा लगाकर ही लेन देन कर सकेंगे। दुकानों के अलावा जनसेवा केंद्रों पर भी यह मशीनें लगाई जाएंगी। खरीदारी करने के अलावा जन सेवा केंद्रों से उपभोक्ता अपनी जरूरत के अनुसार भुगतान भी ले सकेंगे। इसके लिए एनआईसी द्वारा शुक्रवार को जिले के आला अधिकारियों को ट्रेनिंग दी गई।
आधार नंबर को बचत खाते से लिंक कराना अनिवार्य किया जा रहा है। पैन कार्ड के बजाए आधार नंबर को भुगतान का आधार बनाने की तैयारी चल रही है। शुक्रवार को विकास भवन में कैशलेस व्यवस्था पर हुई सेमिनार में लखनऊ से आए शशि शुक्ला ने बताया कि जिन उपभोक्ताओं के खाते आधार नंबर से लिंक हो चुके हैं, वे आधार अनेबिल्ड पेमेंट सिस्टम मशीन से अंगूठा लगाकर भी भुगतान कर सकते हैं। एनआईसी प्रभारी नंद किशोर के अनुसार अंगूठा लगाते ही उपभोक्ता के खाते की जानकारी मशीन पर आ जाएगी। जितने रुपये कटवाने हैं, उपभोक्ता अपने खाते से कटवा सकते हैं। इसके अलावा इस सिस्टम से जन सेवा केंद्रों पर उपभोक्ताओं को भुगतान भी उपलब्ध कराया जाएगा। अधिकारियों को नॉर्मल फोन से भी ट्रांजक्शन करने, ई वॉलेट व पोस मशीनों के प्रयोग के बारे में भी बताया गया। 
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