- गंगा के इस पार भी रहता है विदेशी पक्षियों का जमावड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। बिजनौर की सीमा में पड़ने वाला गंगा किनारा भी हैदरपुर वेटलैंड की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। जिसका मकसद पर्यटन को बढ़ावा देना है। इसके लिए कवायद चल निकली है। प्रस्ताव बनाने की तैयारी चल रही है। जल्द ही शासन को भेज दिया जाएगा।
बिजनौर बैराज पर गंगा के उस पार मुजफ्फरनगर की सीमा में हैदरपुर वेटलैंड है। सर्दियों के वक्त यहां पर प्रवासी पक्षियों का जमावड़ा लगता है। जिन्हें देखने के लिए पक्षी प्रेमी दूर दूर से आते हैं। बता दें कि ये पक्षी सिर्फ हैदरपुर वेटलैंड में ही नहीं आते बल्कि गंगा के बिजनौर सीमा वाले किनारे में भी इन्हें देखा जाता है। लेकिन बिजनौर सीमा वाले गंगा किनारे को उस लिहाज से विकसित नहीं किया गया है। इस ओर बनी झील में पर्यटकों के लिए कुछ नहीं है। लोग जाते हैं तो तटबंध वाली सड़क से ही दीदार कर लौट आते हैं लेकिन अब हैदरपुर वेटलैंड की तर्ज पर इस किनारे को भी विकसित किया जाएगा। जिसमें व्यू प्वाइंट बनाने के साथ साथ बारिश से बचने के इंतजाम किए जाएंगे। जिससे पर्यटकों को परेशानी नहीं होने पाए और एक बेहतर लुक उनकी आंखों के सामने हो। वन विभाग ने इस पर तैयारी शुरू कर दी है। दरअसल रामसर साइट घोषित होने के बाद हैदरपुर वेटलैंड दायरा बढ़कर बिजनौर की सीमा तक आ पहुंचा है। जिसके चलते ये तैयारियां की जा रही है।
हर साल आते हैं 200 से ज्यादा प्रजाति के पक्षी बिजनौर गंगा बैराज के दोनों ओर हर साल 200 से ज्यादा प्रजाति के करीब 20 हजार पक्षी पहुंचते हैं। गंगा के उस पार हैदरपुर वेटलैंड पर पक्षी निहारने के लिए पक्षी प्रेमी पहुंचते हैं। बिजनौर की ओर गंगा के तटबंध से भी इन पक्षियों को देखा जा सकता है। जब झील का पानी कम होता है, तब पक्षियों की संख्या भी यहां बढ़ जाती है।
वर्जन...
गंगा किनारे तटबंध पर पक्षियों को देखने के लिए कुछ बिंदु चिन्हित किए जा रहे हैं। ताकि लोग आराम से खड़े होकर पक्षियों को देख सके। इसके अलावा तटबंध को साइकिल ट्रैक में बदलने की भी तैयारी है। - उमेश मिश्रा, डीएम बिजनौर