नजीबाबाद में सरकार द्वारा बंद 500 और 1000 के नोट बैंकों में जमा कराने और नोट बदलने के लिए बैंकों में भीड़ उमड़ पड़ी। नोट बदलने से ज्यादा जमा कराने वालों की बैंकों में लंबी कतारें बैंक खुलने से पहले ही लग गईं। सीओ और थाना प्रभारी ने बैंकों का निरीक्षण कर सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, द ओरिएंटल बैंक, नैनीताल बैंक, यूनियन बैंक, इलाहाबाद बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, सर्व यूपी ग्रामीण बैंक, डाकघर, उप डाकघरों में लोगों ने 500 व 1000 रुपये के नोट जमा कराए। स्टेट बैंक की मुख्य शाखा, पीएनबी की मुख्य शाखा, केडीआर शाखा और जलालाबाद शाखा में बड़ी संख्या में बैंक खुलने से पहले ही 500 व 1000 के नोट जमा कराने और बदलने वालों की कतारें लग गईं। सीओ रामानंद कुशवाहा, थाना प्रभारी तेजेंद्र सिंह यादव ने एसबीआई की मुख्य शाखा पहुंचकर बैंक प्रबंधक एके बरकले, सहायक प्रबंधक राजेश गुप्ता के साथ स्टेट बैंक की शाखाओं में 500 व 1000 रुपये के नोट जमा कराने और बदलने के काउंटरों का निरीक्षण किया। प्रबंधक ने बताया कि बैंक ने अन्य बैंकिंग कार्य स्थगित करते हुए केवल नोट जमा करने और बदलने का काम किया। स्टेट बैंक, पंजाब बैंक की शाखाओं में आईडी के साथ चार हजार रुपये तक के नोट बदले गए। स्टेट बैंक सहित अधिकांश बैंक की शाखाओं पर नोट बदलने से ज्यादा जमा कराने वालों की भीड़ रही। कुछ बैंकों में धनराशि जमा कराने वालों से भी आईडी ली गई। यूनियन बैंक की शाखा पर शाम चार बजे नोट बदलने और जमा करने पहुंचे ग्राहकों को निराश होना पड़ा। सरताज अहमद, मुकेश कुमार, नीरज आदि का आरोप था कि यूनियन बैंक कर्मियों ने निर्देशों की अवहेलना करते हुए चार बजे ही ग्राहकों को बैंक से बाहर निकालकर अपना कामकाज निपटाना शुरू कर दिया। एचडीएफसी बैंक में भी समय से पहले लेन-देन बंद कर दिया गया।
बैंकों के लॉकरों से भी निकाला खजाना
बिजनौर में रुपये बदलवाने के लिए बृहस्पतिवार को बैंकों के लॉकर भी बड़ी तादाद में खोले गए। उपभोक्ताओं ने अपने लॉकर में रखे 500 व एक हजार के नोट निकालकर जमा किए। बैंकों में 500 व एक हजार के नोट भारी मात्रा में जमा हो गए। वहीं 500 व एक हजार के नोट बंद होने के बाद रेलवे स्टेशन पर रिजर्वेशन भी धड़ाधड़ कैंसिल हो रहे हैं। सबसे ज्यादा रिजर्वेशन लखनऊ वाले कैंसिल हो रहे हैं। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक अगर जेब में रुपये ही नहीं होंगे तो कोई दूसरे शहरों में जाकर क्या करेगा। एसबीआई की मुख्य शाखा में शाम छह बजे तक उपभोक्ताओं की भीड़ लगी रही। उपभोक्ता नोट जमा करते रहे व बदलते रहे। मुख्य शाखा मुख्य प्रबंधक ओमप्रकाश के अनुसार उनके यहां सभी बैंकों के उपभोक्ताओं के रुपये बदले जा रहे हैं। सूचना मिली है कि सभी बैंक ऐसा नहीं कर रहे हैं। सभी बैंक उपभोक्ताओं के नोट बदले तो किसी खास बैंक में ज्यादा भीड़ न लगे।
विद्युत निगम लेगा लोगों से पुराने नोट
नजीबाबाद में विद्युत बिल भुगतान में उपभोक्ताओं से 500 व 1000 रुपये के नोट न लेने की अमर उजाला की खबर को विद्युत निगम ने गंभीरता से लिया। विशेष सुविधा के अंतर्गत शुक्रवार (आज) सभी केंद्रों पर विद्युत बिलों के भुगतान में 500 व 1000 रुपये के नोट स्वीकार किए जाएंगे। अमर उजाला ने बृहस्पतिवार के अंक में खबर प्रकाशित की, जिसमें बताया गया कि निगम द्वारा विद्युत बिलों के भुगतान में 500 व 1000 रुपये के नोट स्वीकार न करने से बेहतर राजस्व प्राप्त नहीं हा सका और पहले ही दिन निगम का सचल विद्युत बिल भुगतान केंद्र शोपीस बनकर रह गया। इस खबर को विद्युत निगम ने गंभीरता से लिया। उच्चाधिकारियों की बैठक में अहम फैसला लिया गया। एक्सईएन देवेंद्र सिंह और एसडीओ विकास कुमार ने बताया कि शुक्रवार (आज) सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक डिवीजन के नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित सभी केंद्रों पर विद्युत बिलों का भुगतान किया जाएगा। विद्युत अधिकारियों ने छोटे-बड़े सभी विद्युत बकाएदारों को समय से विद्युत बिलों का भुगतान करने की सलाह दी।
डाकघर में नहीं मिले लोगों को रुपये
बिजनौर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 500 व 1000 के नोट बंद करने से डाकघर के उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उपभोक्ता सिर्फ रुपये जमा करके निराश होकर खाली हाथ डाकघर से लोटना पड़ रहा है। प्रधान डाकघर से उपभोक्ताओं को कोई राहत नहीं मिली है। इससे डाकघर उपभोक्ताओं में खलबली मची हुई है। प्रधान डाकघर में शुक्रवार की सुबह से ही नोट बदलने व जमा करने वाले उपभोक्ताओं की भीड़ लगी रही। लेकिन डाकघर में उपभोक्ता सिर्फ रुपये ही जमा कर पाए। डाकघर से रुपये न होने के कारण उपभोक्ताओं को कोई रुपये नहीं दिया गया। उपभोक्ताओं को सिर्फ रुपये जमा करके निराश ही अपने घर वापिस जाना पड़ा। शुक्रवार शाम तक डाकघर में नए नोट भी नहीं आए थे। पोस्टमास्टर देवेंद्र कुमार का कहना है कि प्रधान डाकघर में नए नोट नहीं आए है। जो जमा कैश था वह शुक्रवार की सुबह ही उपभोक्ताओं को दे दिया गया है। डाकघर में कैश कम मात्रा में जमा होता है। इसलिए जल्दी ही कैश खत्म हो गया है। जैसे की नए नोट आएंगे उपभोक्ताओं को तुरंत ही बांटे जाएंगे। बैंकों में पांच सौ व दो हजार के नए नोट नहीं आने से उपभोक्ताओं नए नोट नहीं मिले। पंजाब नेशनल बैंक के महाप्रबंधक डीपी गोयल तथा भारतीय स्टेट बैंक चांदपुर के प्रबंधक मनोज ढल ने बताया कि उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए अतिरिक्त काउंटर लगाए गए हैं। भीड़ होने के बाद भी काम संतोषजनक चल रहा है। किसी प्रकार की लोगों को असुविधा न हो ध्यान रखा जा रहा है।