अफजलगढ़ के गांव आलमपुर गांवड़ी में खेतों का कटान करती बनैली नदी।
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अफजलगढ़ में पहाड़ी और मैदानी क्षेत्र में कई दिन से हो रही बारिश से बनैली नदी में उफान आने से गांव आलमपुर गांवड़ी के पास बना तटबंध ध्वस्त हो गया। इससे गांव में पानी घुसने की संभावना बढ़ गई। लेकिन अचानक नदी के रुख बदल लेने से गांववासियों ने राहत की सांस ली। नदी के पानी ने खेतों का कटान शुरू कर दिया है। इससे सैकड़ों बीघा फसल मिट्टी के साथ बह गई। खेतों में पानी की टक्कर से कुंड बन गए।
लगातार जारी बारिश से बनैली नदी से सटे गांव की नींद उड़ रखी है। रविवार रात तेज बारिश में आलमपुर गांवड़ी की सुरक्षा को लेकर बना तटबंध भी ध्वस्त हो गया। ग्रामीणों ने प्रशासन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। आरोप है कि बैनेली नदी में क्षमता से अधिक पानी छोड़ दिए जाने से माननगर, भूतपुरी सहित आधा दर्जन से ज्यादा गांवों की परेशानी बढ़ गई है।
गनीमत रही कि आलमपुर गांवड़ी में तटबंध टूटने से पानी ने रुख गांव को नहीं किया, वरना गांव सहित हाईवे भी पूरी तरह से ध्वस्त हो जाता। बनैली नदी ने इस समय खेतों में कटान कर तबाही मचा रखी है। किसान हरपाल, मुखराम, कृष्णपाल, वाहिद, असलम आदि का आरोप है कि बनैली नदी ने खेतों में खड़ी लहलहाती फसल को अपनी चपेट में ले लिया है।
गन्ना भी उखड़कर खेत मैदान बन गए हैं। धान की फसल पर मिट्टी फिर गई है। खेतों में गहरे कुंड बन गए हैं। किसानों ने डीएम से नदी में पानी का स्तर घटवाने की मांग की है। वहीं, एक्सईएन रामबाबू का कहना है कि पीली डेम का जलस्तर 840 फीट रखा गया है। पानी की आमद ज्यादा होने से नदी में पांच हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, ताकि पानी तबाही न मचाए। विभाग स्थिति पर निगाह बनाए हुए है।
बारिश से कच्चा मकान गिरा
अफजलगढ़ में गांव दल्लीवाला में दल्लीवाला में तेज बारिश से गांव की लीलावती का मकान भरभराकर गिर गया। मकान गिरने की घटना से पूरा परिवार रात भर इधर उधर भटकता रहा। गनीमत रही कि मकान के नीचे दबने को जन हानि नहीं हुई। खाने पीने के लिए भी परिवार के पास कुछ नहीं बचा। गांववासियों का कहना है कि परिवार बेहद गरीब है। किसी तरह से मेहनत मजदूरी कर घर का खर्च चलाता है। मकान गिरने से वह सड़क पर आ गया। पशुओं को भी सड़क किनारे बांधना पड़ रहा है। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की गुहार लगाई।