- विश्नोई सराय मार्ग पर ई-रिक्शा और चार पहिया वाहनों की आवाजाही बंद
फोटो-9,10,11
संवाद न्यूज एजेंसी
नगीना। महाशिवरात्रि पर्व के नजदीक आते ही हरिद्वार से गंगाजल लेकर भोले के भक्तों का नगीना से गुजरने का सिलसिला बढ़ रहा है। भगवान शिव के जयकारों से सड़कें गूंज रही हैं। बम-बम के जयकारे और आकर्षक कांवड़ यात्रा की शोभा बढ़ा रही हैं।
बुधवार को शिवभक्तों की आवाजाही से नगर का माहौल पूरी तरह शिवमय हो गया। नगीना-बूंदकी मार्ग पर पूरे दिन भोले के भक्तों की लंबी-लंबी कतारें दिखाई देने से यातायात पूरी तरह बंद रहा। उत्तराखंड के अलग-अलग नगरों से मनमोहक झांकी के रूप में लाई गई कावड़ लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। कावड़ियों के भारी संख्या में विश्नोई सराय मार्ग से निकलने के कारण पुलिस ने इस मार्ग पर सभी तरह के ई-रिक्शा व चौपहिया वाहनों के निकलने पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस बार भोले के भक्तों की कतार टूट नहीं रही है। दूसरी तरफ नगर में आने वाले भोले के भक्तों के स्वागत में स्थानीय लोग दिन रात लगे हुए हैं। नगर में चारों तरफ शिविर लगे हुए हैं। बड़ा मंदिर मुक्तेश्वरनाथ परिसर में बर्फानी सेवा समिति की ओर से विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। पूर्व सभासद गोपाल शर्मा द्वारा नगर पालिका की तरफ से सफाई-बिजली आदि की व्यवस्था कराई जा रही है।
महिलाएं भी घरों में कर रहीं मंगलकामना
अफजलगढ़। शिवभक्त कावंड़ यात्रा के दौरान अनेक कठिनाइयों का सामना करते हुए आगे बढ़ रहे हैं। परिवार की महिलाएं उनकी मंगल यात्रा तथा सकुशल लौटने के लिए उपवास कर रही हैं। कांवड़ लेकर पैदल यात्रा के दौरान अनेक शिवभक्तों के पैरों में छाले पड़ जाते हैं। शिवभक्तों के पैरों में छाले न पड़ें इसके लिए ही घर की महिलाओं की ओर से कुछ नियमों का पालन किया जाता है। ताकि शिवभक्तों की कावंड़ यात्रा सरल और सुगम हो सके। इस दौरान शिवभक्त भी अनेक प्रकार के उपवास का पालन करते हुए हर हर महादेव व भोले की बम-बम के जयकारों के साथ अपनी पैदल यात्रा कर गंतव्य पर पहुंचकर परिवार के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। संवाद