फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दुष्कर्म के दो आरोपियों की जमानत अर्जी निरस्त

विज्ञापन
विज्ञापन
दुष्कर्म के दो आरोपियों की जमानत अर्जी निरस्त
विज्ञापन

बिजनौर। फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर दो के न्यायधीश अनिल कुमार राणा ने अपहरण व दुष्कर्म के आरोपी अकरम की जमानत याचिका निरस्त कर दी है।
शासकीय अधिवक्ता प्रमोद शर्मा के अनुसार थाना चांदपुर की एक युवती ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अकरम निवासी कस्बा चांदपुर से उसकी जान पहचान हो गई थी। उसने उसे अपने साथ कुछ दिन रखा। फिर वह विवाद होने के कारण अकरम से अलग होकर अपने पिता के साथ रहने लगी। 19 जनवरी 2021 की शाम चार बजे जब वह अपने पिता की दवाई लेने चांदपुर गई थी उसे बहला फुुसालकर अपने साथ रेलवे फाटक के पास बाग में ले गया। अकरम ने उससे जबरदस्ती दुष्कर्म किया। इस मामले में अकरम की ओर से कहा गया है कि युवती उससे मोहब्बत करती थी और स्वेच्छा से उसने अपनी मर्जी से मुस्लिम धर्म अपनाकर उससे निकाह किया था और उसके साथ रहने लगी थी।
विज्ञापन

इस मामले में कोर्ट द्वारा अपने निर्णय में कहा गया कि युवती अपने साथ हुई दुष्कर्म की घटना का समर्थन करती है। अकरम का अपराध महिलाओं व समाज के खिलाफ अपराध की श्रेणी में आता है। यह अत्यंत गंभीर व जघन्य श्रेणी का अपराध है। इसलिए उसे जमानत देने का कोई आधार नहीं है। उसकी जमानत याचिका निरस्त की जाती है। एक अन्य मामले में भी इसी अदालत ने घर में घुसकर दुष्कर्म करने के आरोपी नई दिल्ली निवासी मनीष कुमार की जमानत याचिका भी निरस्त कर दी है। मनीष कुमार पर आरोप था कि जब पीड़ित युवती के घर के सदस्य शादी में गए थे और वह घर में अकेली थी। मनीष कुमार उसके घर आया और अकेली देखकर युवती से दुष्कर्म किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें