बिजनाैर, धामपुर। भीषण गरमी के चलते लोगों की आंखों पर धूप-प्रदूषण का बुरा असर पड़ रहा है। लोगों की आंखों में जलन, लालपन और चुभन होना आम हो गया है। आंखों से बीमार लोगों की अस्पतालों में भीड़ लगी है। लोगों का कहना है कि उपचार के बाद भी आराम होता नजर नहीं आ रहा है।
गांधी नेत्र चिकित्सालय में शुक्रवार को आंखों की बीमारी के चलते मरीजों की भारी भीड़ लगी है। बताया गया कि अस्पताल में हर रोज 70-80 नए मरीज उपचार को आ रहे हैं। नेत्र रोगी महावीर सिंह ने बताया कि उनकी आंख में दो दिन से लाली है। बार-बार पानी आ रहा है। तेज धूप में दोनों आंखों में चुभन हो रही है। प्राइवेट अस्पताल में उपचार कराया। पर आराम नहीं हुआ।
कविता रानी का कहना है कि उन्होंने अपनी आंखों को देहरादून के जौली ग्रांट अस्पताल में बनवाया है। तब तो आंखें सही रोशनी देने लगी थी। लेकिन पिछले 15 दिन से दोनों आंखाें में सूजन के साथ तेज चुभन हो रही है। काफी इलाज कराने के बाद भी आराम नहीं हो रहा है और भी कई बीमार लोगों ने ऐसी ही अपनी व्यथा सुनाई।
- बढ़ती गरमी से आंखों को होता है भारी नुकसान
सीतापुर गांधी नेत्र चिकित्सालय के चिकित्साधिकारी डाॅ. कपिल कुमार ने बताया कि बढ़ती गर्मी आंखों को भारी नुकसान पहुंचाती है। गर्मी बहुत ज्यादा होने की वजह से आंख आना, वायरल इन्फेक्शन और एलर्जी के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। ऐसा होने से मरीजों की आंखों में जलन, खुजली, लालपन और ड्राइनेस जैसी समस्याओं पैदा हो जाती है। ऐसे में मरीजों को घबराना नहीं चाहिए। आंखों के अस्पताल में पहुंच कर अच्छे डाक्टरों से उपचार कराना चाहिए।
- आंखों को बीमारी से बचाने की सलाह
चिकित्साधिकारी ने सलाह दी है कि ऐसे में आंखों में होने वाली बीमारी, नुकसान से बचने के लिए लोगों को तेज धूप के सीधे संपर्क में नहीं आना चाहिए। जिन लोगों का हाल ही में कॉर्निया का ऑपरेशन हुआ है, उनको धूप से बचने की ज्यादा जरूरत है। जरूरी कार्य से बाहर जाना है तो काला चश्मा जरूर लगाएं। सिर पर तौलिया ढकें। बार-बार ताजे ठंडे पानी से आंखों को छपके मार कर धोएं। दोपहर की धूप से बचें। सीधे एयर कंडीशन की हवा से बचें।