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बारी आने पर खत्म हो जाता है कैश

Tue, 17 Jan 2017 11:17 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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धामपुर में एचडीएफसी बैंक के एटीएम पर लगी ग्राहकों की भीड़। - फोटो : अमर उजाला
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धामपुर/अफजलगढ़।  जिले के कई इलाकों में अभी तक नोटबंदी के बाद से बैंकों में हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहा है। बैंकों और एटीएम पर कैश के लिए ग्राहकों की भीड़ उमड़ रही है। ग्राहकों ने बताया कि बारी आते ही कैश खत्म हो जाता है।
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मंगलवार को बैँकों के बाहर एटीएम पर कैश को लेकर लोगों में मारामारी मची रही। केंद्र सरकार के आदेश के बावजूद लोगों को कैश नहीं मिल रहा है। धामपुर क्षेत्र के एटीएम से अभी भी चार हजार से ज्यादा रकम नहीं निकल पा रहा है। ऐसे में लोग अपने घर-परिवार का खर्चा कैसे चलाएं। कोई उनकी बात को समझने को तैयार नहीं है। अफजलगढ़, शेरकोट, रेहड़ में भी कैश को लेकर बैंकों में स्थिति जस की तस है। 

मंगलवार को ग्राहक सुरेंद्र, कविता रानी, सुरेखा, नीरजा सिंह, गामा, कमलेश देवी, भूरी, ममता रानी, विमला, कौशल्या, हरीश कुमार, सुशील कुमार आदि ने कहा कि मंगलवार को नगर के अधिकांश एटीएम  बंद रहे, जो एटीएम चले वह भी कुछ समय चलने के बाद बंद हो गए। रोडवेज डिपो पर लगा एटीएम आज तक नहीं चल सका। रेलवे स्टेशन का एटीएम दो माह से बंद है।
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अफजलगढ़ में मंगलवार को नगर के अधिकांश बैँकों में भारी भीड़ रही। कड़ाके की ठंड के चलते लोग कैश के चक्कर में लाइन में लगे रहे।

ग्राहक मजीदा, रेशमा  भूदेव सिंह, विशाल सिंह, ,खुशीराम, सूर्य, सुमन, प्रीती, प्राची, रोशनी, इसना,  रुकसाना, परवीन आदि का कहना है कि वो बैंक बंद होने से तीन दिन पहले भी लाइनों में लगे थे, मगर कैश नही मिल सका था। मंगलवार सुबह से वह लाइनों में लगे हैं। अभी तक उनका नंबर नहीं आ सका है। भीड़ को देख लग रहा है कि जब तक उनका नंबर आएगा, तब तक कैश खत्म होने का शोर मच जाएगा। उधर, पीएनबी प्रबंधक रमेश सोन कुसले व  स्टेट बैंक प्रबंधक हरीश कुमार शर्मा का कहना है कि उच्चाधिकारियों को बार बार लिखा जा रहा है।

उधर,  नींदडू़ में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की ओर से भुगतान के नए एलान के बावजूद उपभोक्ताओं को राहत नहीं मिल पाई है। मंगलवार को भी दो-दो हजार रुपये का पेमेंट किए जाने से ग्राहकों में रोष है।गौरतलब है कि आरबीआई की नई घोषणा के तहत एटीएम से एक दिन में दस हजार रुपये निकालने की व्यवस्था की गई है, लेकिन स्टेट बैंक की स्थानीय शाखा के एटीएम के लगातार बंद रहने से उपभोक्ताओं को इसका कोई लाभ नहीं मिल पाया।  दिनेश, राहुल, इकरार, महताब आदि का कहना है कि बचत खाते वालों के लिए भुगतान की सीमा चौबीस हजार रुपये ही है, लेकिन किसी ग्राहक को एक बार भी उक्त धनराशि का भुगतान नहीं हो पाया है। भुगतान दो हजार रुपये ही किया जा रहा है। उन्होंने एसबीआई के स्थानीय एटीएम से रुपये निकालने की सुविधा को नियमित करने की मांग की है।
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