- सुपर वेदांता मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल का रुका पेमेंट
- न्यू प्लस केयर हॉस्पिटल से रिकवरी और पैनल से हटाने को लिखा पत्र
- पांच अस्पतालों को साचीस ने भेजा कारण बताओ नोटिस, होगी कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। भले ही सरकार ने गरीबों के बेहतर इलाज के लिए आयुष्मान भारत योजना शुरू की है। मगर, निजी अस्पताल आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद भी पैसे लेकर इलाज कर रहे हैं। ऐसे अस्पताल अब स्वास्थ्य विभाग की रडार पर है। योजना की निगरानी करने वाली संस्था साचीस ने मरीजों की पैसे लेकर इलाज करने की शिकायत पर सुपर वेदांता मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल का आगे का पेमेंट रोक दिया है।
जिले में आयुष्मान भारत योजना से 93 अस्पताल जुड़े हुए हैं। इनमें आयुष्मान कार्ड से मरीजों का इलाज किया जा रहा है। इनमें 69 निजी और 24 सरकारी अस्पताल शामिल हैं। आयुष्मान भारत योजना के नोडल अधिकारी डॉ. विश्वकर्मा ने बताया कि न्यू प्लस केयर हॉस्पिटल में मरीज ने अपना इलाज कराया था। आयुष्मान कार्ड के बावजूद भी मरीज से 72 हजार रुपये लेकर इलाज किया गया।
दसके बाद अब टीम ने जांच कर अस्पताल से 72 हजार रुपये की रिकवरी और अस्पताल को आयुष्मान योजना पैनल से हटाने का पत्र लिखा है। जबकि सुपर वेदांता मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल का आगे का पेमेंट रोक दिया है। वहीं, एचएमएस हॉस्पिटल, श्रेया हॉस्पिटल, आरोग्यम हॉस्पिटल, पूजा हॉस्पिटल, एशियन हॉस्पिटल को साचीस ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
आयुष्मान कार्ड धारकों को सालभर में मिलता है इतना लाभ-
आयुष्मान कार्ड धारक का आयुष्मान भारत योजना से जुड़े अस्पतालों में फ्री इलाज किया जाता है। आयुष्मान कार्ड धारक सालभर में पांच लाख रुपये तक का इलाज करा सकता है। इससे अधिक इलाज होने पर मरीज को कार्ड का लाभ नहीं मिलता है।
पैसे लेकर इलाज करने की मरीजों ने की शिकायत
आयुष्मान भारत योजना से जो निजी अस्पताल जुड़े हुए हैं, उनमें पैसे लेकर इलाज करने की लगातार शिकायत मिल रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जब मरीजों से पूछताछ की थी तो उन्होंने पैसे लेकर इलाज करने की बात कही थी। साथ ही कुछ अस्पतालों ने इलाज किसी बीमारी का किया और पोर्टल पर कोई दूसरी बीमारी दिखाई।
जिले में आयुष्मान भारत योजना से जुड़े अस्पतालों में मरीजों से पैसे लेकर इलाज करने और गलत बीमारी का पैसे लेने के मामले सामने आ रहे हैं। निरीक्षण के बाद कार्रवाई के लिए साचीस को पत्र लिखा है। आयुष्मान अस्पतालों पर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। - डॉ. राजेंद्र प्रसाद विश्वकर्मा, नोडल अधिकारी, आयुष्मान भारत योजना, बिजनौर