ईओ के फर्जी हस्ताक्षर से हुई झील पार्क की नीलामी
नहटौर। साल 2017 में नगर पालिका के झील पार्क की नीलामी ईओ के फर्जी हस्ताक्षर से कराए जाने का मामला सामने आया है। पत्रावली के अवलोकन करने पर चार ठेकेदारों को नोटिस जारी करते हुए भूमाफिया की सुसंगत धाराओं में कार्रवाई की चेतावनी दी है।
नगर पालिका के झील पार्क की वर्ष 2017 में नीलामी प्रक्रिया की गई थी। झील पार्क में कैंटीन, झील वोटिंग व स्वीमिंग पूल, हॉल की नीलामी की गई थी। ईओ ओम गिरी के मुताबिक 21 जून 2022 को झील पार्क की नीलामी पत्रावली का अवलोकन करने पर फर्जी नीलामी प्रक्रिया की गई। 1 मई 2017 को झील पार्क की नीलामी की गई। नीलामी प्रक्रिया तत्कालीन चेयरमैन रशीद अहमद से साठगांठ करते हुए की गई। कूट रचित तरीके से एक नीलामी की फर्जी रिपोर्ट तैयार कर झील पार्क की संपत्ति पर अवैध कब्जा कर लिया गया। इस नीलामी प्रक्रिया के दौरान मौजूदा ईओ इंद्रपाल सिंह के स्थान पर उनसे पूर्व के ईओ जितेंद्र आनंद के फर्जी हस्ताक्षर किए गए और फर्जी नीलामी रिपोर्ट बनाते हुए अवैध कब्जा कर लिया गया।
मौजूदा ईओ ओम गिरी के पत्रावली की जांच करने पर पांच साल पूर्व किए गए फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। ईओ ओम गिरी ने बताया कि ठेकेदार नहटौर के मोहल्ला हाथीवाला मंदिर की शाहीन पत्नी रफीक, मोहल्ला गुलीतलाब के अनीस अहमद, मोहल्ला शेखान दक्षिणी के इमरान अहमद व धामपुर के मोहल्ला इसराउल्ला को तीन दिन के भीतर झील पार्क की सरकारी संपत्ति से कब्जा हटाने के लिए अंतिम नोटिस जारी किया गया है। अन्यथा की स्थिति में भूमाफिया के तहत रिपोर्ट दर्ज कराकर कार्रवाई कराई जाएगी।