बिजनौर। शासन की छात्रवृत्ति वितरण में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए माध्यमिक व डिग्री कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों की बायोमैट्रिक मशीन से हाजिरी लगाना अनिवार्य किया गया है। विद्यालय हाजिरी समाज कल्याण विभाग की वेबसाइट पर अपलोड करेंगे।
जिले में यूपी बोर्ड के 387 राजकीय, सहायता प्राप्त अशासकीय और वित्त विहीन है और 108 डिग्री कालेज हैं। शासन से माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा नौ से 12 तक व डिग्री कालेजों में स्नातक में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देने की व्यवस्था है। इसके लिए विद्यार्थियों की कक्षाओं में 70 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है। विभाग ने हाजिरी का फर्जीवाड़ा रोकने के लिए विद्यार्थियों की हाजिरी आनलाइन लगाने का प्रस्ताव रखा। शासन ने प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगा दी है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी आनंद कुमार सिंह ने बताया कि कक्षा नौ व 10 में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को तीन हजार रुपये, कक्षा 11 व 12 के छात्रों को 36 हजार रुपये वार्षिक छात्रवृत्ति मिलती है। डिग्री कॉलेजों में विद्यार्थियों को स्नातक कोर्स में जमा फीस के अनुसार छात्रवृत्ति मिलती है। जिले में कक्षा नौ से 12 तक के 14 हजार और डिग्री कॉलेजों में स्नातक के 22 हजार विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति मिल रही। इस प्रकार जिले में कुल 36 हजार विद्यार्थियों को करोड़ों रुपये की छात्रवृत्ति वितरित होती है। बताया कि छात्रवृत्ति वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए छात्रवृत्ति वितरण की व्यवस्था आनलाइन हुई।