अगर आपके पास किसी बैंक का एटीएम कार्ड है तो आप एक से दो लाख रुपये के दुर्घटना बीमा कवर के हकदार हैं। भले ही आपने बैंक में किसी योजना में बीमा कराया हो या नहीं, लेकिन इसकी उपभोक्ताओं को जानकारी तक नहीं है।
ग्राहकों को बीमा योजनाओं का लाभ देने के लिए बैंकों में अनेक योजनाएं संचालित हैं।
किसी स्कीम पर उपभोक्ताओं को एक लाख तो किसी पर दो लाख रुपये का बीमा कवर दिए जाने का वादा किया जा रहा है। खास बात यह है कि एटीएम कार्ड धारकों का भी बैंक द्वारा दुर्घटना बीमा कराया जाता है। पांच साल पहले तक बीमा कवर की राशि दो लाख रुपये थी, जो अब एक लाख कर दी गई है। किसी हादसे में एटीएम कार्ड धारक की मौत होने पर उसके परिजन शव का पंचनामा कराकर बैंक से एक लाख रुपये के बीमे का क्लेम कर सकते हैं, लेकिन उपभोक्ताओं को तो छोड़ो, अधिकतर बैंक कर्मचारियों को भी इसकी जानकारी नहीं है।
किसी हादसे में मौत होने पर मृतक के परिजन बाकी योजनाओं में तो बीमा क्लेम कर लेते हैं, लेकिन एटीएम कार्ड पर होने वाले बीमे के बारे में उनको पता नहीं होता है। हाल ये है कि शायद किसी ने आज तक एटीएम कार्ड पर मिलने वाली बीमा राशि के लिए क्लेम भी नहीं किया है। लीड बैंक अधिकारी विनय कुमार दुबे के मुताबिक एटीएम कार्ड पर भी उपभोक्ताओं को बीमा कवर दिया जाता है, लेकिन उपभोक्ता इससे अनजान हैं। उपभोक्ताओं को अपने लिए चल रही योजनाओं के लिए खुद भी जागरूक होना चाहिए।
45 दिन के अंदर होना चाहिए कार्ड का प्रयोग
अगर एटीएम कार्ड धारक ने हादसे से 45 दिन पूर्व तक एटीएम कार्ड से ट्रांजक्शन की है, तो उसके परिजन बीमा राशि के लिए क्लेम कर सकते हैं। अगर इस अवधि के अंदर ट्रांजक्शन नहीं हुआ है या फिर उपभोक्ता का एकाउंट ब्लॉक हो चुका है, तो परिजन बीमा राशि के लिए क्लेम नहीं कर सकते हैं।