संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। विशेष न्यायाधीश पोक्सो एक्ट पारुल जैन ने आठ वर्षीय अनुसूचित जाति की अबोध बालिका के अपहरण व दुष्कर्म में दोषी पाते हुए नूरपुर निवासी अतीक अहमद को आजीवन कारावास व 75 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की राशि में से आधी राशि पीड़िता को दी जाएगी। इसके अलावा कोर्ट में बालकों के संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों को देखते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को चार लाख रुपये की राशि को पीड़िता को प्रतिकर के रूप में दिए जाने की संस्तुति की है।
शासकीय अधिवक्ता भालेंद्र सिंह राठौर के अनुसार थाना नूरपुर के एक व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 16 दिसंबर 2018 को दोपहर एक बजे उसकी आठ वर्षीय पुत्री कस्बा ताजपुर में बच्चों के साथ खेल रही थी। एक अज्ञात व्यक्ति मोटरसाइकिल से आया और उसकी पुुत्री को बहला-फुसलाकर अपने साथ अपहरण कर ले गया। इसका पता चलते ही उन्होंने लड़की तलाश अन्य लोगों के साथ मिलकर शुरू कर दी। करीब तीन बजे उसकी पुत्री बस स्टैंड पर मिली। उसने बताया कि एक व्यक्ति मोटरसाइकिल पर बैठाकर ले गया था। नूरपुर के जंगल में उसके साथ गलत काम करने का प्रयास किया।
इस मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस विवेचना में कस्बा नूरपुर के मोहल्ला हजरत नगर निवासी अतीक अहमद का नाम सामने आया। उसी ने इस घटना को अंजाम दिया था। पुलिस द्वारा अतीक अहमद के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। कोर्ट ने अतीक अहमद को बालिका से अपहरण व बलात्कार का दोषी पाया। इसको अत्यंत गंभीर अपराध मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।