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Bijnor News: घर में शौचालय नहीं, जंगल में गुलदार, शौच के लिए कहां जाएं सरकार

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- किरतपुर गांव में गुलदार की दस्तक ने खोली दावो की पोल
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- कई घरों में नहीं शौचालय, सामुदायिक शौचालय का निर्माण भी अधूरा
( गौरव गोयल)
नगीना। क्षेत्र के ग्राम किरतपुर में आदमखोर गुलदार द्वारा एक किशोरी की जान ले लिए जाने के बाद भले ही वन विभाग की टीम मादा गुलदार को पकड़ कर जंगल में छोड़ने में कामयाब हो गई, लेकिन इस घटना के दौरान गांव के भीतर की एक वह सच्चाई भी सामने आ गई, जिसको सरकारी अमले ने अपने कागजों में दुरुस्त कर रखा है। कहने और सुनने में तो क्षेत्र के सभी गांव खुले में शौच से मुक्त हो चुके हैं, लेकिन सच्चाई इससे बिल्कुल इतर है।
सच्चाई यह है की सरकारी व्यवस्था में भ्रष्टाचार गुलदार के हमले को रोकने में बाधक बन रहा है। वन विभाग द्वारा गुलदार के हमले से बचने के लिए जारी अपनी गाइडलाइन में जहां एक तरफ खुले में शौच जाने पर साफ मना किया है। वहीं दूसरी तरफ गांव के काफी परिवार खौफ के साए में भी जंगल में शौच के लिए जाने को मजबूर हो रहे हैं। वजह साफ है कि हाकिमों ने अपने सरकारी दस्तावेजों में गांव किरतपुर को खुले में शौच से मुक्त होने का दावा कर रखा है। जबकि जमीनी हकीकत में अभी भी दर्जनों परिवारों के घर पर शौचालय नहीं बन पाया है। संवाद
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ग्राम किरतपुर के प्रधान यामीन बताते हैं कि गांव में 20 परिवारों के शौचालय बनवाने के लिए उन्होंने सचिव के माध्यम से प्रस्ताव भेज रखा है, लेकिन अभी तक शौचालय नहीं बन पाए हैं। उन्होंने यह बात भी स्वीकार की कि जिन परिवारों में सरकारी पैसों से शौचालय बने हैं उनमें से भी अधिकतर खुले में शौच जा रहे हैं।

- ग्रामीण मेघराज का कहना है कि उन्होंने अपने घर में शौचालय बनवाने के लिए काफी प्रयास किया लेकिन आज तक नहीं बन पाया।
- ग्रामीण छत्रपाल का कहना है कि बार-बार प्रधान से सिफारिश किए जाने के बाद भी उनके घर में शौचालय नहीं बना है जिस कारण उन्हें खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है।
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- कोमल की पत्नी सुदेशना का कहना है कि उनके घर में काफी सदस्य हैं लेकिन शौचालय नहीं होने की वजह से काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
- महिला विनोद का कहना है उन्होंने घर में शौचालय बनवाने के लिए काफी प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिल पाई है।
- ग्रामीण मनोज कुमार का कहना है कि उनके घर में नौ सदस्य हैं शौचालय नहीं होने की वजह से सभी को शौच के लिए जंगल में जाना पड़ता है।
- कोतवाली ब्लॉक के एडीओ पंचायत सुरेंद्र सिंह का कहना है कि ब्लॉक में सभी गांव खुले में शौच से मुक्त हो चुके हैं यदि गांव किरतपुर में कोई ऐसा परिवार है जहां शौचालय नहीं है तो शीघ्र सत्यापन कराकर शौचालय बनवाया जाएगा।
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