ट्रैप कैमरे के सामने जो भी हलचल होती है वह उसका फोटो खींच लेता है। 2017 और 2020 में दोनों ट्रैप कैमरों में कैद बाघ के फोटो से शरीर के निशान आदि का डीएफओ डा.एम सेम्मारन ने मिलान किया गया तो दोनों फोटो एक ही बाघ के निकले। इस बाघ को एटी-वन (अमानगढ़ टाइगर वन) नाम दिया गया है।
बहुत बलशाली, प्रभावशाली और ताकतवर है एटीवन
अमानगढ़ टाइगर वन के बारे में शासन को भी रिपोर्ट प्रेषित की गई है। विभाग की रिपोर्ट में अमानगढ़ टाइगर वन को बहुत बलशाली, प्रभावशाली और ताकतवर माना गया है।
जोड़े में नहीं रहता है बाघ
बाघ और बाघिन अलग अलग रहते हैं। केवल प्रणय के समय ही बाघ और बाघिन जोड़े में रहते हैं। बाघिन एक बार में एक से छह तक शावकों को जन्म देती हैं। बाघिन ही बच्चों को अकेले पालती है और शिकार करना सिखाती है।
कुदरती तौर पर जंगल का राजा होता है बाघ
बाघ कुदरती तौर पर भी जंगल का राजा होता है। यह तीन साल में व्यस्क होता है। बाघ या बाघिन एक दूूसरे के इलाके में पहुंच जाते हैं तो इनमें खूनी संघर्ष हो जाता है। ऐसी लड़ाई में बूढ़े या भिड़ंत के कम अनुभव वाले बाघ को जान से हाथ धोना पड़ता है।
होता है बहुत शक्तिशाली
बाघ बहुत ही शक्तिशाली होता है। यह शिकार को मुंह से गला घोंटकर मारता है। कभी कभी तो बाघ के हमले में शिकार की गर्दन भी टूट जाती है। जंगल में बाघ केवल व्यस्क हाथी से ही डरता है।
डीएफओ डा.एम सेम्मारन के अनुसार 2019 में बाघ और इस साल अप्रैल में बाघिन की जान एटीवन वन ने ली है। बाघ की मौत इलाके की लड़ाई जबकि बाघिन की जान शिकार के लिए हुई लड़ाई में गई है। एटी-वन बहुत ताकतवर बाघ है।