आशा कार्यकर्ताओं ने किया कार्य बहिष्कार
कालागढ़। आशा स्वास्थ्य कार्यकर्ता यूनियन सीटू एवं उत्तराखंड आशा कार्यकर्ता के आह्वान पर सोमवार को आशा कार्यकर्ताओं ने कालागढ़ पीएचसी पर सरकारी कार्यक्रमों का बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। आशा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि सरकार उनसे कोरोना महामारी में काम तो सभी विभागों के कर्मियों और अधिकारियों से ज्यादा ले रही है, पर मानदेय के नाम पर कुछ नहीं दे रही है। उन्होंने सरकार से सात सूत्री मांगों को पूरा करने की मांग उठाई और विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।
आशा कार्यकर्ता सोमवार को कालागढ़ पीएचसी पर एकत्र हुई। कार्यकर्ताआें ने कहा कि संगठन ने प्रधानमंत्री व राज्य के मुख्यमंत्री को सात मांग का ज्ञापन भेजा है। सरकार से तीन वर्षों से केंद्र सरकार व राज्य सरकार द्वारा मासिक मानदेय में बढ़ोतरी न करने पर असंतोष जताया। पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय दस हजार रुपये सम्मान राशि के रूप में देने की घोषणा की थी। आशा कार्यकर्ताओं ने सरकार से उन्हें स्वास्थ्य बीमा की परिधि में लाने, कार्य के दौरान मृत्यु होने पर उसके परिवार को 50 लाख का बीमा तथा बीमार होने पर 10 लाख का स्वास्थ्य बीमा देने, सुरक्षा उपकरण तथा फ्रंटलाइन वर्कर की भांति सम्मान व मानदेय देने आदि की मांग की है।
उधर, पीएचसी प्रभारी फार्मेसिस्ट देवेंद्र प्रसाद ने बताया कि सोमवार को आशा कार्यकर्ताओं के कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन करने से कोविड को लेकर घर-घर चल रहा सर्वे प्रभावित हुआ है। पीएचसी में किसी प्रकार से काम चलाया जा रहा है।