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एआरटीओ प्रशासन आलोक कुमार हुए सस्पेंड

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एआरटीओ प्रशासन आलोक कुमार हुए सस्पेंड
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बिजनौर। करीब एक माह की जद्दोजहद के बाद आखिरकार एआरटीओ प्रशासन आलोक कुमार को निलंबित कर दिया गया। परिवहन विभाग की प्रमुख सचिव आराधना शुक्ला के निर्देश पर एआरटीओ प्रशासन आलोक कुमार को निलंबित करते हुए लखनऊ मुख्यालय से अटैच कर दिया है।
मेरठ जनपद के एसएसपी नितिन तिवारी ने एआरटीओ कार्यालय बिजनौर में वाहनों की आरसी में हो रही जालसाजी का पर्दाफाश किया था। यह गिरोह ट्रक आदि वाहनों को चोरी दिखाकर बीमा कंपनी से क्लेम ले लेता था। इसके बाद वाहनों के इंजन व चेसिस नंबर बदलकर बिजनौर एआरटीओ कार्यालय से आसानी से आरसी जारी कराकर अच्छे दामों पर बेच देता था। इस मामले में मेरठ पुलिस ने बिजनौर के छह सदस्य गिरफ्तार किए थे। इनमें बिजनौर के मंडावर रोड़ स्थित मोहल्ला भरत विहार कॉलोनी निवासी रणजीत पुत्र महेंद्र पाल शामिल था। इस मामले में बिजनौर के एआरटीओ प्रशासन आलोक कुमार एवं एआरटीओ कार्यालय के लिपिक निहाल सिंह और किशोर कुमार के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ था। घटना के खुलासे के बाद से आरोपी एआरटीओ प्रशासन आलोक कुमार, लिपिक निहाल सिंह, किशोर कुमार फरार चल रहे थे। इस मामले में 15 जुलाई को परिवहन आयुक्त धीरज साहू ने लिपिक निहाल सिंह और किशोर कुमार को निलंबित कर दिया था।
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इस मामले में मुरादाबाद के आरटीओ प्रशासन रामरतन सोनी, आरटीओ कमल गुप्ता, शिवशंकर सिंह और उप परिवहन आयुक्त बरेली वी.के. सोनकिया और उप परिवहन आयुक्त लखनऊ अनिल मिश्रा आदि ने टीम के साथ एआरटीओ कार्यालय बिजनौर पहुंचकर जांच की थी। अफसरों ने अपनी जांच रिपोर्ट परिवहन आयुक्त और प्रमुख सचिव को भेजी थी। उप परिवहन आयुक्त बरेली वी.के. सोनकिया ने बताया कि जालसाजी के मामले में आरोपी एआरटीओ प्रशासन आलोक कुमार को निलंबित करते हुए लखनऊ मुख्यालय से अटैच कर दिया गया है।
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