बिजनौर में मोहल्ला मिर्दगान की बाहर वाली मस्जिद में हुई बैठक में मौलाना अनवारूल हक प्रकरण प्रशासन के ऊपर छोड़ने की अपील की गई।
ठेकेदार शमशाद ने कहा कि मस्जिदों को राजनीति का अखाड़ा नहीं बनने देना चाहिए। दिलशाद अंसारी ने इस संबंध में जो बयान दिया है, उसका समर्थन किया गया। बैठक में अनवारूल हक के प्रकरण को प्रशासन पर छोड़ने तथा जाति दखल देकर शहर के माहौल को खराब न करने की अपील की गई। इस दौरान दौरान दिलशाद अंसारी, मौलाना शमीम अहमद, हाफिज नवाब, हाफिज शकील, काजी आबिद, सुल्तान शेख आदि मौजूद रहे। वहीं मोहल्ला चाहशीरी के लोगों ने दुष्कर्म के आरोपी जामा मस्जिद के इमाम अनवारूल हक को निर्दोष बताया है। मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
बिजनौर के मोहल्ला चाहशीरी निवासी हाजी दानिश अख्तर ने यूपी व उत्तराखंड के पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया कि इस प्रकरण को लेकर लोग संशय में हैं। इस मामले में जिले की पुलिस पर भी सवालिया निशान लगाए जा रहे हैं। उन्होंने इस केस की जांच दूसरे जिले की पुलिस या सीबीसीआईडी से कराने की मांग की है।
ज्ञापन में बताया गया कि अनवारूल हक कौम की भलाई के लिए काम करते हैं। वे इस तरह की हरकत में शामिल नहीं हो सकते हैं। उन्होंने मामले में निष्पक्ष जांच कराने तथा सच को जनता के सामने लाने की मांग की। कहा कि जो भी आरोपी हो, उसे सजा मिले। ज्ञापन देने के दौरान कारी उस्मान अंसारी, महमूद अली, मो. इदरीस, मो. राशिद, वसीम कुरैशी, मो. कासिब सहित काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।