अंसारी गैंग का सरगना शाहनवाज और शॉर्प शूटर जब्बार गिरफ्तार
नई दिल्ली/ बिजनौर। नजीबाबाद के बीएसपी नेता हाजी एवं प्रापर्टी डीलर हाजी अहसान और उनके भांजे शादाब की गोलियां बरसाकर हत्या करने के आरोपी शाहनवाज अंसारी और शार्प शूटर जब्बार को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार कर लिया। शाहनवाज इस गिरोह का सरगना है, जिसके कहने पर अहसान और उनके भांजे की हत्या की गई थी। हत्या की वजह राजनीतिक और कारोबारी रंजिश थी।
स्पेशल सेल के पुलिस उपायुक्त पीएस कुशवाहा ने बताया कि नजीबाबाद के गांव कनकपुर कलां निवासी सरगना शाहनवाज अंसारी (32) और नजीबाबाद के ही मोहल्ला गुलशन राहू खेड़ी निवासी शार्प शूटर जब्बर (25) के पूर्वी दिल्ली के जगतपुरी इलाके में छिपे होने की सूचना मिली थी। एसीपी अतर सिंह, इंस्पेक्टर शिव कुमार की टीम बनाई गई। शुक्रवार को एक सूचना के बाद टीम ने कड़कड़डूमा इलाके में जाल बिछाया। पुलिस ने दोनों बदमाशों को पकड़ने का प्रयास किया, तो बदमाशों ने पुलिस पर पिस्टल तानकर हमले की कोशिश की। इससे पहले ही आरोपियों को दबोच लिया। आरोपियों से दो पिस्टल व 8 कारतूस बरामद किए हैं।
बसपा को जिताया था लोकसभा चुनाव
हाजी अहसान और उनके भांजे शादाब का प्रॉपर्टी का कारोबार था। वे बसपा नेता थे और अपने इलाके में ठीक-ठाक रसूख रखते थे। लोकसभा चुनाव के दौरान उन्हें पार्टी प्रत्याशी के प्रचार का जिम्मा दिया था। आने वाले विधानसभा चुनाव में हाजी अहसान के विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी बनने के कयास लग रहे थे। इधर, शाहनवाज अंसारी बिजनौर में विवादित जमीनों का धंधा करता था। राजनीति के साथ इस वजह से उनकी रंजिश हो गई। वारदात वाले दिन 28 मई 2019 को शाहनवाज, जब्बार, दानिश कनकपुर, दानिश उबनवाला और इकराम ने दोनों की उनके दफ्तर में जाकर हत्या कर दी।
शातिर शाहनवाज का पूर्वांचल के माफिया से कनेक्शन
खाते में 25 लाख की रकम डालने वाले मददगारों को खंगाल रही पुलिस
बिजनौर। नजीबाबाद के प्रॉपर्टी डीलर एवं बसपा नेता हाजी अहसान और उनके भांजे शादाब की हत्या का आरोपी और गिरोह के सरगना शाहनवाज अंसारी का कनेक्शन पूर्वांचल के एक बड़े माफिया से बताया जा रहा है। शाहनवाज के खाते में उसके मददगारों ने 25 लाख रुपये भी डाले हैं। रकम डालने वाले मददगारों को पुलिस खंगालने में लगी है। मददगारों ने इतनी मोटी रकम शाहनवाज के खाते में क्यों पहुंचाई, पुलिस इसकी तह में जाने का प्रयास कर रही है। अहसान की मुखबिरी उसके साथ रहने वाले एक पेंटर ने की थी।
हाजी अहसान और उसके भांजे शादाब को उनके कार्यालय में ही गोलियों से भून दिया गया था। गांव कनकपुर निवासी शाहनवाज ने गांव के ही दानिश व जलालाबाद निवासी जब्बार अंसारी से यह वारदात कराई थी। ये दोनों शूटर शाहनवाज के लिए काम करते हैं। दानिश, जब्बार व शाहनवाज पर पुलिस ने 25- 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। तीनों मुंबई में छिपे थे। पुलिस ने शूटर दानिश को दबोच लिया है और पूछताछ की गई है। शाहनवाज के पूर्वांचल के एक बडे़ माफिया से गहरे संबंध बताए जा रहे हैं। पकडे़ गए शूटर दानिश ने पुलिस को बताया कि शाहनवाज का हुकम मिलने पर वारदात की गई थी। सुपारी किसने दी, वह नहीं जानता। दानिश ने पुलिस को बताया कि उसे बस इतना मालूम है कि मुख्तार पेंटर ने अहसान व उसके भांजे की मुखबिरी की थी। शाहनवाज को बताया था कि दोनों अपने कार्यालय में मौजूद हैं। वहीं, शाहनवाज के खातों में 25 लाख रुपये की रकम पहुंचाने को लेकर पांच मददगारों से पूछताछ की जा रही है। इन मददगारों ने अलग अलग तरीके से खाते में रकम पहुंचाई थी।