पहले समाप्ति की घोषणा, दोपहर बाद फिर धरना
बिजनौर। एंबुलेंस कर्मचारी संघ की ओर से एंबुलेंस कर्मियों को नौकरी से हटाने सहित अन्य मांगों को लेकर चल रहा धरना-प्रदर्शन जारी रहा। संघ के पदाधिकारियों के अनुसार मंगलवार दोपहर में तो लखनऊ में हुई वार्ता के दौरान समझौता होने का आश्वासन मिलने पर धरने को समाप्त करने की घोषणा की थी, लेकिन उनसे मुख्यालय पर हुई अभद्रता के विरोध में फिर से धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। एंबुलेंस कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश के प्रांतीय आह्वान पर पिछले पांच दिनों से चल रहा धरना-प्रदर्शन मंगलवार को भी जारी रहा।
मंगलवार को एंबुलेंस कर्मी मोहम्मदपुर देवमल के ब्लॉक अध्यक्ष केपी सिंह के नेतृत्व में जिला अस्पताल परिसर में एकत्रित हुए और एंबुलेंस सहित धरना-प्रदर्शन किया। हालांकि आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए जिले में चार एंबुलेंस आरक्षित कर रखी हैं। एंबुलेंस कर्मियों का कहना है कि उन्होंने देश में फैली कोरोना महामारी में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके बावजूद उन्हें हटाया जा रहा है, जो बिल्कुल गलत है। इस दौरान एंबुलेंस के कर्मचारियों ने उन्हें ठेका प्रथा से मुक्ति दिलाने, कोरोना काल में शहीद हुए एंबुलेंस कर्मियों के आश्रितों को शीघ्रता से 50 लाख रुपये बीमा राशि का भुगतान करने, जब तक उन्हें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के नहीं किया जाता तब तक प्रदेश के सभी 23 हजार कर्मचारियों को प्रतिमाह चार घंटे का ओवरटाइम तथा महंगाई भत्ता दिलाने, कर्मचारियों को नौकरी से न हटाने और प्रशिक्षण शुल्क के नाम पर डीडी न लेने आदि की मांगें की गई। इस अवसर पर जिला कोआर्डिनेटर मनोज सामंत, ब्लॉक अध्यक्ष केपी सिंह, इसरार मलिक, रोहताश कुमार, जितेंद्र राठौर, पवन कुमार, प्रदीप कुमार, बृजेश कुमार, सुंदर सिंह, मनोज कुमार आदि शामिल रहे।