- बिलाई चीनी मिल पर जारी रहा धरना, गरजे किसान
- मौजूदा सत्र के बकाया गन्ना भुगतान में वादाखिलाफी का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
हल्दौर। बिलाई चीनी मिल पर भाकियू चढूनी की ओर से तीसरे दिन भी धरना प्रदर्शन जारी रहा। मिल पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए किसान खूब गरजे। वहीं किसानों की छह टीमों का गठन किया गया है जोकि गांव गांव में भ्रमण कर पांच फरवरी को चीनी मिल में गन्ना आपूर्ति नहीं करने की किसानों से अपील कर रही हैं।
शुक्रवार को बिलाई चीनी मिल पर भारतीय किसान यूनियन चढूनी के कार्यकर्ताओं की ओर से बेमियादी धरना प्रदर्शन शुरू किया गया। संगठन के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के युवा अध्यक्ष विकास चौधरी ने कहा कि मिल प्रशासनिक अधिकारियों ने 21 जनवरी से किसानों के गन्ने का चालू सत्र का तीन करोड़ रुपये प्रतिदिन दिलाए जाने की वादाखिलाफी कर किसानों का शोषण किया है।
उन्होंने कहा कि मिल प्रशासनिक अधिकारियों ने षड्यंत्र के तहत एक फरवरी को रात में मिल के मुख्य गेट की विद्युत आपूर्ति बंद करते हुए अंधेरा कर दिया था। इसके बाद संगठन के कार्यकर्ताओं को बुरी तरह दौड़ा दौड़ाकर पीटा गया और धरना प्रदर्शन के लिए लगाए गए तंबू उखाड़ दिया था। इससे संगठन के कार्यकर्ताओं में आक्रोश व्याप्त है। धरना प्रदर्शन के दौरान संगठन की ओर से लिए गए निर्णय के दौरान छह टीमे गांव गांव में किसानों से संपर्क करने के लिए रवाना हुई।
जिलाध्यक्ष छतर सिंह की अगुवाई में कल्याण सिंह, देवेंद्र सिंह, रघुनाथ ने सिहोरा और खारी में किसानों से संपर्क साधा। युवा जिलाध्यक्ष अतुल कुमार, शानू कुमार, मनोज कुमार, विकास चौधरी, संजीव कुमार, मोहित कुमार, विनीत कुमार आदि ने दर्जनों गांवों में भ्रमण कर आगामी पांच फरवरी को मिल को क्षेत्र के गन्ना सेंटरों व केन यार्ड पर गन्ना नहीं देने का आह्वान किया है।
उधर मिल प्रबंधन ने सीसीटीवी फुटेज प्रशासन को सौंपी है और आरोप लगाया है कि किसानों के साथ उस दिन किसी ने मारपीट नहीं की। किसान गेट तोड़ने का प्रयास कर रहे थे। टैंट मालिक खुद टैंट उखाड़कर ले गया। किसी के साथ कोई मारपीट नहीं हुई है।