जिले की ग्राम पंचायतों में बनेंगे अमृत वन
बिजनौर। शासन की गांवों को अधिक हरा भरा बनाने की योजना है। पंचायतों में अमृत वन बनेंगे। अमृत वन औषधीय तथा आक्सीजन छोड़ने वाले पौधे रोपे जाएंगे। अमृत वन का काम स्वतंत्रता दिवस से पहले पूरा होना है। पंचायतों में जियोटेक से स्थल चयन का काम शुरू हो गया है।
जिले में 1123 ग्राम पंचायतें हैं। पंचायतों में अमृत सरोवर बन रहे हैं। अब पंचायतों में हरियाली बढ़ाने का काम होगा। शासन ने पंचायतों में अमृत वन बनाने के निर्देश दिए हैं। हर अमृत वन में विभिन्न प्रकार के 75 पौधे रोपे जाएंगे। पंचायतों को पौधे वन विभाग उपलब्ध कराएगा। बताया गया कि अमृत वन अमृत सरोवर के आसपास बनेंगे। यदि अमृत वन के लिए अमृत सरोवर के पास जगह नहीं मिलती है तो पंचायत के दूसरे गांव में सुरक्षित स्थान पर बनेंगे। सीडीओ केपी सिंह के अनुसार शासन के निर्देश पर अमल शुरू हो गया है।
वालंटियर नियुक्त हो रहे
पंचायतों में अमृत वन तैयार कराने के लिए वालंटियर बनाए जा रहे हैं। ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सेवक, महिला मेट, वालंटियर बनाए जा रहे हैं। हर पंचायत के वालंटियर को प्रशासन की ओर से एक मोबाइल नंबर आवंटित होगा। वालंटियर मोबाइल से अमृत वन की रोजाना प्रगति रिपोर्ट देगा। अमृत वन हर हाल में 15 अगस्त तक तैयार होने हैं। जिले की 1123 पंचायतों में 75 पौधे प्रति पंचायत के लिहाज से 84225 पौधरोपण होगा। अमृत वन के रखरखाव की जिम्मेदारी पंचायत की होगी। अमृत वन तैयार करने का काम मनरेगा से होगा।
ये पौधे रोपे जाएंगे
शासन से अमृत वन में लगाए जाने वाले पौधों की सूची आई है। शासन ने 21 पौधों की सूची प्रशासन को भेजी है। सभी पौधे औषधीय प्रकृति के तथा अधिक आक्सीजन उत्सर्जित करने वाले हैं। जिले की पंचायतों में आम, बहेड़ा, बेल, सहजन, आंवला, जामुन, शीशम तथा अर्जुन के पौधे रोपे जाएंगे।