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गजब का तर्क : लक्षण बुखार के, जान ले रही अनजान बीमारी

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- 06 से ज्यादा लोगों की बुखार से हो चुकी है मौत पिछले 15 दिनों में
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- 180 मरीज तक रोजाना पहुंच रहे जिला अस्पताल बुखार के
- किरतपुर, हल्दौर, बिजनौर, गजरौला शिव क्षेत्र में बुखार से तेजी से फैल रहा

- सीएमओ बोले, बुखार से जिले में कोई मौत नहीं, अनजान बीमारी बन रही वजह


संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जिले में पिछले 15 दिनों में करीब छह लोगों की बुखार से मौत हो गई है। किरतपुर, हल्दौर, बिजनौर, गजरौला शिव क्षेत्र में बुखार से तेजी से फैल रहा है। इससे लोगों में दहशत का माहौल है। उधर, इन मौतों को स्वास्थ्य विभाग बुखार से नहीं होना मान रहा है। सीएमओ का दावा है कि बुखार से जिले में कोई मौत नहीं हुई है। अनजान बीमारी मौत की वजह बन रही है।

जिला अस्पताल में रोजाना बुखार के 180 मरीज तक पहुंच रहे हैं। इनमें से लक्षणों के आधार पर रोजाना 150 मरीजों तक की मलेरिया की जांच कराई जा रही है। करीब 10 मरीजों की रोजाना डेंगू की एनएस1 कार्ड से जांच की जा रही है। कार्ड से डेंगू रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद मरीज की एलाइजा टेस्ट किया जा रहा है।
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लोगों को तीन दिन बुखार आने के बाद काफी परेशानी हो रही है। मरीजों की प्लेटलेट्स कम हो रही है। थोड़ी सी भी लापरवाही बरतने पर लोगों को अस्पताल में भर्ती होना पड़ रहा है। तबीयत में सुधार नहीं होने पर कई लोगों की मौत भी चुकी है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने टीम भेजकर गांवों में शिविर लगाए।
बुखार के मरीजों को दवाई तो दी जा रही है, लेकिन प्रकोप कम नहीं हो रहा है। किरतपुर, हल्दौर, बिजनौर, गजरौला शिव क्षेत्र में बुखार से तेजी से फैल रहा है। इन क्षेत्रों में बुखार से करीब छह मौत हो चुकी हैं। इस समय हर घर परिवार का एक सदस्य बुखार से पीड़ित है।

केस नंबर एक
पैजनिया निवासी दयावती (60) पत्नी अमर सिंह की शनिवार को बुखार आने से मौत हो गई। वह कई दिनों से बुखार से ग्रसित थी। चिकित्सक से दवाई भी ली, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। शनिवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

केस नंबर दो
गजरौला अचपल निवासी पल्लवी (17) पुत्री नरदेव सिंह की 26 अगस्त को ही बुखार से मौत हो गई है। पल्लवी को पिछले कई दिनों से बुखार से था। उल्टी आने पर गांव में ही चिकित्सक से ग्लूकोज को बोतल लगवा दी। मगर, उसकी हालत बिगड़ गई। इलाज के लिए बाहर ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।

केस नंबर तीन
किरतपुर के गांव शहाबपुरा रतन सिंह में यूसूफ (22) पुत्र राशिद की 28 अगस्त को बुखार से मौत हो गई। चार दिन से बुखार आ रहा था। बुखार आने से उसकी प्लेटलेट्स कम हो गई थी। वहीं इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। गांव में कई लोग बुखार की चपेट में हैं।

केस नंबर चार
हल्दौर क्षेत्र के गांव मोहनपुर चांदा नंगली निवासी जतिन कुमार (15) पुत्र चंद्रप्रकाश की बुखार से बुधवार को मौत हो गई। पांच दिन जतिन को बुखार आया। बुखार आने से उसकी प्लेटलेट्स कम हो गई। इसके बाद परिजनों ने उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी मौत हो गई।
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जिले में बुखार से किसी की मौत नहीं हुई है। उन मरीजों को कोई अन्य बीमारी थी, जिसकी वजह से उनकी मौत हुई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांव में शिविर लगाकर मरीजों की जांच कराई जा रही है। लोगों को बुखार से बचाव की जानकारी भी स्वास्थ्यकर्मी दे रहे हैं। - डॉ. विजय कुमार गोयल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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