फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bijnor: यूपी के पर्यटन सर्किट में अमानगढ़ टाइगर रिजर्व को मिली जगह, अन्य पर्यटक स्थलों पर कराया जाएगा विकास

Wed, 30 Nov 2022 06:30 AM IST
मेरठ ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बिजनौर
विज्ञापन
1 of 5
बिजनौर का गंगा बैराज। - फोटो : BIJNOR
बिजनौर में प्रदेश के पर्यटन सर्किट में अमानगढ़ टाइगर रिजर्व को जगह मिल गई है। अब प्रशासन ने इसी तर्ज पर जिले के ऐतिहासिक, पौराणिक और प्राकृतिक स्थलों को पर्यटन सर्किट में शामिल करने की तैयारी शुरू कर दी है। अमानगढ़ के बाद जिले के अन्य पर्यटक स्थलों के पास भी विकास कराया जाएगा।

पिछले एक साल में जिले का नाम पर्यटन के क्षेत्र काफी ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। न सिर्फ अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में पर्यटन शुरू हुआ, बल्कि अब यूपी के पर्यटन सर्किट में अमानगढ़ को भी शामिल कर लिया गया है। ऐसे में जिला प्रशासन ने भी जिले के ऐसे स्थलों पर काम शुरू कर दिया, जहां पर्यटन की संभावनाएं हैं। कमाल यह है कि जिले की पांचों तहसील इस सर्किट में शामिल रहेंगी। क्योंकि जिले में हर तहसील क्षेत्र में ऐसे स्थल हैं, जहां पर्यटन और विकास की अपार संभावनाएं हैं। 

ये स्थल पर्यटन सर्किट में होंगे शामिल
चांदपुर का वट वृक्ष: चांदपुर तहसील क्षेत्र में सैकड़ों साल पुराना वट वृक्ष मौजूद है, जिसकी शाखाएं एक एकड़ से भी ज्यादा जगह में फैल गई हैं। यह विशाल वृक्ष है, प्रशासन ने इसे भी संजोने के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं।

यह भी पढ़ें: Baghpat: लैब नहीं तो कहीं शिक्षक नहीं, विज्ञान शिक्षा को लेकर दम तोड़ रहीं उम्मीदें, कॉलेजों का हाल-बेहाल

बिजनौर गंगा बैराज: हैदरपुर वेटलैंड के आसपास का क्षेत्र रामसर साइट घोषित हो चुका है। यहां पर प्रशासन गंगा किनारे हाट, वाटर गेम, पक्षी विहार, गंगा किनारे बंदे पर साइकिल ट्रैक आदि बनाने की तैयारी कर रहा है। इसे भी सर्किट में रखा जाएगा।
विज्ञापन

2 of 5
कण्व ऋषि आश्रम - फोटो : अमर उजाला
कण्व ऋषि आश्रम: यह जगह ग्राम रावली के पास गंगा और मालन के संगम पर स्थित है। यहां पर वाटिका तैयार की गई है। इसके अलावा कण्व ऋषि सरोवर, प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण केंद्र आदि खोले जा रहे हैं। राजा दुष्यंत और शकुंतला की इस प्रणय स्थली को भी पर्यटन सर्किट में जगह मिलेगी।


 
विज्ञापन

3 of 5
अमानगढ़ टाइकर रिजर्व - फोटो : अमर उजाला
अमानगढ़ टाइकर रिजर्व: अमानगढ़ हाथियों और टाइगर के लिए जाना जाता है। यहां पर 27 से ज्यादा टाइगर और सौ से ज्यादा हाथी हैं। हाल ही में यहां पर्यटन भी शुरू हुआ है। इसके बहाने जिले के अन्य स्थलों से भी लोगों को परिचित कराया जाएगा।


 

4 of 5
पत्थरगढ़ का किला - फोटो : अमर उजाला
पत्थरगढ़ का किला: नजीबाबाद में पत्थरगढ़ का किला, जिसे लोग सुल्ताना डाकू के किले के रूप से भी जानते हैं। यह ऐतिहासिक किला है, जिसे देखने आज भी लोग जाते हैं। यहां आने जाने के लिए व्यवस्थाएं होंगी तो यह भी बेहतर जगह साबित होगी।

पीलीडैम, हरेवली डैम, रैनी फॉरेस्ट: यह तीनों ही जगह सर्दियों में प्रवासी पक्षियों के लिए जानी जाती हैं। यहां पर हजारों की संख्या में प्रवासी पक्षी आते हैं। इन क्षेत्रों में भी पर्यटन सर्किट में शामिल किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
विदुरकुटी: - फोटो : अमर उजाला
विदुरकुटी: दारानगर गंज के पास महात्मा विदुर का मंदिर और कुटी है। यहां पर मंदिर और वृद्धाश्रम, पुस्तकालय बना हुआ है। महाभारत काल में कौरवों का 56 भोग छोड़कर भगवान श्रीकृष्ण यहां आ गए थे और महात्मा विदुर द्वारा बनाया बथुए का साग खाया था। यह ऐतिहासिक और पौराणिक स्थल बिजनौर को अलग पहचान दिलाएगा। इसलिए यहां भी कई कार्य कराए जा रहे हैं।

पर्यटक स्थलों को जोड़ने वाली सड़कें बेहतर होगी : डीएम
डीएम उमेश मिश्रा ने बताया कि अमानगढ़ प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश में पर्यटन के मानचित्र पर अलग पहचान बनाएगा। इसके अलावा जिले में अन्य महत्वपूर्ण स्थल भी हैं। इसलिए पूरे पर्यटन सर्किट पर काम चल रहा है। इन जगहों को जोड़ने वाले मार्ग बेहतर होंगे। इनके आसपास के करीब 12 गांवों को इको टूरिज्म विलेज के रूप में भी विकसित किया जाएगा। जिलेभर का पूरा प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें