बिजनौर में प्रदेश के पर्यटन सर्किट में अमानगढ़ टाइगर रिजर्व को जगह मिल गई है। अब प्रशासन ने इसी तर्ज पर जिले के ऐतिहासिक, पौराणिक और प्राकृतिक स्थलों को पर्यटन सर्किट में शामिल करने की तैयारी शुरू कर दी है। अमानगढ़ के बाद जिले के अन्य पर्यटक स्थलों के पास भी विकास कराया जाएगा।
पिछले एक साल में जिले का नाम पर्यटन के क्षेत्र काफी ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। न सिर्फ अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में पर्यटन शुरू हुआ, बल्कि अब यूपी के पर्यटन सर्किट में अमानगढ़ को भी शामिल कर लिया गया है। ऐसे में जिला प्रशासन ने भी जिले के ऐसे स्थलों पर काम शुरू कर दिया, जहां पर्यटन की संभावनाएं हैं। कमाल यह है कि जिले की पांचों तहसील इस सर्किट में शामिल रहेंगी। क्योंकि जिले में हर तहसील क्षेत्र में ऐसे स्थल हैं, जहां पर्यटन और विकास की अपार संभावनाएं हैं।
ये स्थल पर्यटन सर्किट में होंगे शामिल
चांदपुर का वट वृक्ष: चांदपुर तहसील क्षेत्र में सैकड़ों साल पुराना वट वृक्ष मौजूद है, जिसकी शाखाएं एक एकड़ से भी ज्यादा जगह में फैल गई हैं। यह विशाल वृक्ष है, प्रशासन ने इसे भी संजोने के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं।
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बिजनौर गंगा बैराज: हैदरपुर वेटलैंड के आसपास का क्षेत्र रामसर साइट घोषित हो चुका है। यहां पर प्रशासन गंगा किनारे हाट, वाटर गेम, पक्षी विहार, गंगा किनारे बंदे पर साइकिल ट्रैक आदि बनाने की तैयारी कर रहा है। इसे भी सर्किट में रखा जाएगा।