खस्ताहाल सड़क पर फंसे वाहन को निकालते ग्रामीण।
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सहसपुर में क्षेत्र के गांव मेवानवादा को जोड़ने वाली सड़क करीब आठ वर्षों से खस्ताहाल होने से राहगीरों को आवागमन के दौरान काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। मार्ग की बदहाली के कारण बच्चे भी स्कूल जाने से कतराने लगे हैं। मशहूर शायर नजर बिजनौरी ने सड़कों की दुर्दशा को अपने शब्दों में कुछ यू बयां किया कि हर कोई रौंधता हुआ उसको गुजर गया, छाती के घाव सबको दिखाती रही सड़क। सोमवार को ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर अपनी नाराजगी का इजहार किया।
करीब आठ से दस वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सहसपुर से मेवानवादा को होकर जाने वाले मार्ग का निर्माण कराया गया था। इसके बाद से आज तक सड़क की मरम्म्त तक नहीं कराई गई है। सड़क में छोटे बड़े गड्ढे परेशानी का सबब बनते जा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से शिकायत के बावजूद सड़क के बदहाली पर ध्यान नहीं दिया गया। मेवानवादा में जन्मे मशहूर साहित्यकार नजर बिजनौरी करीब पांच वर्ष बाद सोमवार को गांव पहुंचे। मार्ग की बदहाली से दुखी शायर भी अपने को ग्रामीणों के विरोध-प्रदर्शन से अलग नहीं कर सके। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन विरोधी नारेबाजी कर आंदोलन को तेज करने की चेतावनी दी। समाजसेवी जहीर आलम उर्फ ननवा, कॉलेज प्रबंधक सलीम अख्तर, मदरसा संचालक मोहम्मद यूनुस, प्राथमिक व जूनियर हाईस्कूल के प्रधानाध्यापक इसरार अहमद, अरविंद कुमार, स्कूल संरक्षक मोहम्मद आकिल आदि ने बताया कि बारिश होने पर गांव से बाहर जाने के रास्ते चारों ओर से बंद हो जाते हैं।
इन लोगों ने बताया कि सड़कों पर जलभराव व कीचड़ जैसे हालात को देखकर बच्चे स्कूल-कॉलेज जाने से कतराते हैं। जलभराव के चलते स्कूलों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति सिर्फ30 प्रतिशत पर ही रुकी है। कॉलेज स्टाफ ने बताया कि लोकनिर्माण का जिम्मा स्कूलों व मदरसों को भुगतना पड़ रहा है।