बिजनौर में कलक्ट्रेट सभागार में डीएम से वार्ता करते भाकियू कार्यकर्ता।
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बिजनौर में गन्ना भुगतान के लिए भारतीय किसान यूनियन द्वारा वेव ग्रुप के शराब के गोदाम सील करने और प्रशासन की सख्ती से वेव ग्रुप आखिरकार बैकफुट पर आ गया। वेव ग्रुप ने सोमवार को पिछले साल के बकाए के समस्त चेक किसानों और अधिकारियों को सौंप दिए। 25 मार्च तक किसानों के खातों में भुगतान आ जाएगा। किसानों ने चेक मिलने पर चांदपुर तहसील में दो जनवरी से चल रहा आंदोलन समाप्त कर दिया।
वेव ग्रुप की चांदपुर व बिजनौर चीनी मिल पर पिछले साल का करीब 62 करोड़ का बकाया था। चांदपुर चीनी मिल पर 35.63 करोड़ तथा बिजनौर चीनी मिल पर 26.50 करोड़ बकाया था। कुल करीब 62 करोड़ बकाया था। इसमें से 20.78 करोड़ के चेक वेव ग्रुप के अधिकारियों ने एक मार्च को सौंप दिए थे। 42.35 करोड़ का भुगतान दोनों मिलों पर बचा हुआ था। भुगतान के लिए भारतीय किसान यूनियन ने मंगलवार को गोरिल्ला आंदोलन शुरू कर दिया था। वेव ग्रुप के शराब के गोदाम के गेट पर किसानों ने वेल्डिंग कर दी थी। किसानों ने चांदपुर और बुंदकी रेलवे स्टेशनर को भी घेर लिया था।
वेव ग्रुप का मुख्य कारोबार शराब का है। शराब के गोदाम किसानों द्वारा सील करते ही वेव ग्रुप बैकफुट पर आ गया। ग्रुप के अधिकारियों ने बुधवार सुबह ही भुगतान के चेक जारी कर दिए। बुधवार सुबह डीएम सुजीत कुमार ने किसानों को कलक्ट्रेट में वार्ता के लिए बुलाया। बिजनौर मिल के प्रशासनिक अधिकारी एके सिंह ने डीएम को चेक दिए। डीएम ने यह चेक किसानों को दिखाए और कहा कि ग्रुप की ओर से भुगतान के चेक मिल गए हैं। भुगतान मिलने पर किसानों ने आंदोलन खत्म कर दिया। किसानों ने चेक की फोटो कॉपी भी अपने पास रखी है। इस दौरान एडीएम प्रशासन विनोद कुमार गौड़, जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह, एसडीएम बृजेश कुमार, सुशील कुमार, राहुल चौधरी, किसान अतुल कुमार, सुनील प्रधान, जसवीर सिंह, रामौतार सिंह, राजवीर सिंह आदि मौजूद रहे।
कुछ ही घंटों में मिले चेक
वेव ग्रुप के अधिकारी शासन द्वारा सॉफ्ट लोन देने पर ही भुगतान देने की बात पर अड़े हुए थे। लेकिन शराब के गोदामों पर सील लगते ही ग्रुप के अधिकारियों के होश उड़ गए। ग्रुप के अधिकारियों ने अन्य उद्योगों की आय के चेक कुछ ही घंटों में दे दिए। किसानों को भुगतान करने का शेड्यूल बनाया गया है। ग्रुप की ओर से किसानों को 10 मार्च तक के चेक पहले ही दिए जा चुके हैं। बाकी चेक 20, 25 मार्च के दिए गए हैं। 25 मार्च के चेक पर पहले 31 मार्च तिथि अंकित की जा रही थी, लेकिन किसानों के विरोध पर उन पर 25 मार्च तिथि अंकित की गई।