- नौकरी छोड़ कर मिट्टी बचाओ अभियान में जुटा स्योहारा निवासी युवक
- गोष्ठी, एसएमएस के माध्यम से किसानों को कर रहे जागरूक
फोटो संख्या सात
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। अधिक उत्पादन के लालच में किसान रसायनिक खाद व कीटनाशक का अंधाधुंध प्रयोग कर रहे हैं। इससे खेतों की उर्वरा क्षमता नष्ट हो रही है। मिट्टी का स्वास्थ्य बचाने के लिए युवा किसान अक्षत देवरा ने मुहिम शुरू की है। वह 200 से अधिक गांवों में गोष्ठी कर किसानों को जागरूक व जैविक खाद, जैविक कीटनाशक का प्रयोग करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
स्योहारा के आर्यनगर निवासी डॉ. विनीत देवरा के पुत्र अक्षत देवरा ने वनस्पति विज्ञान से स्नातक और वनस्पति जैव तकनीकी विज्ञान से स्नाकोत्तर की पढ़ाई की। भरतीय अनुसंधान केंद्र (पूसा) से जुड़कर शोध व अध्ययन किया और बाद एक बड़ी कंपनी में वनस्पति शोधकर्ता के पद पर नौकरी की। अक्षत ने बताया कि उन्होंने पढ़ाई व नौकरी के दौरान मिट्टी के हालात को जाना। उन्हें लगा कि मिट्टी बचाने के लिए कुछ कार्य किया जाए।
जून 2022 से उन्होंने मिट्टी बचाओ अभियान शुरू किया। पहले वह अकेले चले और फिर उनके साथ चार व्यक्ति जुड़ गए। वह गांव-गांव, मोबाइल फोन, एसएमएस के माध्यम से किसानों को खेती व फसलों में रसायनिक खाद, कीटनाशक की जगह जैविक खाद का प्रयोग करने की सलाह दे रहे हैं।
अभियान के लिए डीएम ने किया सम्मानित
जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश मिश्रा ने बताया कि अक्षत देवरा का अभियान सराहनीय है। किसानों को जैविक खाद, कीटनाशक का ज्यादा प्रयोग नहीं करना चाहिए। अक्षत को इस कार्य के लिए डीएम व कृषि विभाग ने सम्मानित किया।
बीज शोधक जैविक
अक्षत ने बताया कि बीज शोधन का जैविक मिश्रण बनाने के लिए पांच किलो देसी गाय का गोबर, पांच लीटर गोमूत्र, 50 ग्राम बुझा हुआ चूना, एक मुठ्ठी मिटी को 20 लीटर पानी में मिलाकर 24 घंटे के लिए रख दें। इस घोल को दिन में दो बार लकड़ी से चला दें। 100 किलो बीज उपचार के लिए इस मिश्रण में 30 मिनट डुबोएं और छाया में थोड़ा सूखा कर बुवाई करें।