नजीबाबाद। एक कलाकृति किसी के हृदय में चित्रकार पैदा कर सकती है ऐसा मैने सोचा भी न था। सीनियर कक्षा में एक अजंता एलोरा की एक कलाकृति बनाने से ही मेरे भीतर चित्रकार ने जन्म लिया। रमा जैन कन्या महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ.मृदुला त्यागी ने यह बात कही।
डॉ.मृदुला त्यागी जब कक्षा 11 में पढ़तीं थीं तब विभिन्न कॉलेजों के विद्यार्थियों की कला प्रतियोगिता हुई। मृदुला त्यागी ने अजंता एलोरा की कलाकृतियों से प्रेरित होकर एक चित्रकार की वाटर कलर के माध्यम से बनाई कलाकृति को न केवल प्रथम स्थान मिला, बल्कि इस चित्रकारी ने उन्हें पेशे से चित्रकार भी बना दिया। कला के क्षेत्र में मेरठ से एमए, पीएचडी, बॉम्बे आर्ट करने के साथ मृदुला त्यागी ने वाटर कलर, पिंक कलर, बॉटिक पेंटिंग के जरिए एक से बढ़कर एक पेंटिंग बनाई। प्रकृति से अनुराग रखने वाली डॉ.मृदुला त्यागी की पेंटिंग राज्य ललित कला अकादमी लखनऊ के माध्यम से मंडी धनौरा सहित कई आर्ट गैलरियों में प्रदर्शित की जा चुकीं हैं।
संस्कृति विभाग की ओर से डॉ.मृदुला की प्राकृतिक सौंदर्य पर आधारित दो पेंटिंग खुजराहो फेस्टिवल की शोभा बढ़ा चुकीं हैं। प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत मिशन अभियान के अंतर्गत स्वच्छता की जागरुकता पेंटिंग सहित कई आर्ट गैलरियों के माध्यम से पेंटिंग देहरादून, बरेली, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर में दर्शकों को आकर्षित कर चुकी हैं।