मिल के वरिष्ठ गन्ना प्रबंधक को ज्ञापन सौंपते आकियू कार्यकर्ता।
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हल्दौर में आकियू ने बकाया गन्ना भुगतान दिलाने की मांग को लेकर बिलाई चीनी मिल के मुख्य द्वार पर सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंचे वरिष्ठ गन्ना प्रबंधक को जमकर खरीखोटी सुनाई और अपने बीच बंधक बनाकर बैठा लिया। बाद में गन्ना महा प्रबंधक ने पिछली पेराई सत्र के गन्ने का करीब साढ़े चार करोड़ हल्दौर समिति को भेजने व किसानों द्वारा दिए मांगपत्र की समस्या का शीघ्र समाधान करने का आश्वासन मिलने पर धरना समाप्त कर दिया।
बिलाई चीनी मिल चालू हुए करीब बीस दिन बीत चुके हैं। मिल पर किसानों के गन्ने का करीब 75 करोड़ रुपये बाकी है, जिससे किसान आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। इससे खफा होकर शुक्रवार की सुबह आजाद किसान यूनियन ने बकाया गन्ना भुगतान दिलाने की मांग को लेकर मिल के मुख्य द्वार के सामने सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया। आक्रोशित किसानों ने मौके पर पहुंचे गन्ना प्रबंधक को गन्ना भुगतान न मिलने के मामले में खरीखोटी सुनाई। कार्यकर्ताओं ने गन्ना प्रबंधक को अपने बीच करीब तीन घंटे बंधक बनाए रखा। धरने में संगठन के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह ने कहा कि यदि चीनी मिल किसानों के गन्ने का शीघ्र भुगतान नहीं करती तो ब्लॉक कार्यालय पर 28 नवंबर को संगठन की मासिक पंचायत में मिल को गन्ने की आपूर्ति न करने की योजना बनाई जाएगी। किसानों का शोषण कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बाद में मौके पर पहुंचे गन्ना महा प्रबंधक परोपकार सिंह ने किसानों का गन्ना विकास समिति हल्दौर को 23 मार्च तक का करीब चार करोड़ 58 लाख रुपये का भुगतान हाल ही में जारी करने की सूचना दी। साथ ही उन्होंने किसानों को उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान कराने का आश्वासन देकर शांत किया। किसानों ने उन्हें एक मांगपत्र सौंपा और उक्त मिल अधिकारी को बंधक मुक्त कर धरना समाप्त कर दिया। अध्यक्षता मूला सिंह, संचालन बिट्टू चौधरी ने किया। धरने में मास्टर गिरिराज सिंह, ठाकुर नरेंद्र सिंह, युवराज सिंह, हाजी शकील अहमद, संजीव राठी, मनोज कुमार, धर्मेंद्र कुमार, भूदेव सिंह, अशोक कुमार, सुभाष काकरान, सतेंद्र राठी, मो. मुकीद, किशोरी सिंह आदि रहे।