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सरकारी अनदेखी का शिकार, अगुपुरा के सोनू का परिवार

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नजीबाबाद के अगुपुरा प्यारा में बदहाली का शिकार वाल्मीकि परिवार। - फोटो : NAZIBABAD
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नजीबाबाद। अगुपुरा प्यारा का वाल्मीकि परिवार आर्थिक बदहाली से परेशान है। पेट की भूख मिटाने के लिए परिवार को अक्सर खाना तक नसीब नहीं होता।
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ग्राम पंचायत सरवनपुर के मौजा अगुपुरा प्यारा में सोनू का परिवार रहता है। आर्थिक बदहाली के शिकार वाल्मीकि परिवार के सोनू शासन की योजनाओं से पूरी तरह वंचित है। प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री आवास योजना, महामाया, लोहिया योजना, उज्ज्वला गैस योजना भी आर्थिक रूप से बदहाल सोनू के परिवार से दूर रही। इतना ही नहीं सोनू का मनरेगा जॉब कार्ड भी नहीं बना।
पत्नी काजल और पांच बच्चे वंशिका 10 वर्ष, अंशिका 7 वर्ष, मोनू 5 वर्ष, कृष्णा 3 वर्ष और शिव 8 माह के साथ सोनू खस्ताहाल कोठरी और उसके बाहर बदहाल छप्पर में रह रहा है। वर्षा होते ही परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ता है। छत से पानी टपकता है और नीचे एक से दो फीट तक पानी भर जाता है। सामान बचाना सोनू के परिवार के लिए टेढ़ी खीर होता है।
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सोनू का कहना है पूर्व प्रधान ने योजनाओं का लाभ दिलाने का प्रयास किया। आश्वासन दिया लेकिन उसे कुछ नहीं मिला। वर्तमान प्रधान भी योजनाओं का लाभ दिलाने का दिलासा दे रहे हैं। वर्तमान ग्राम प्रधान सोमन सिंह का कहना है कि उसने आर्थिक रुप से कमजोर सोनू के शासन की सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रयास शुरू किए हैं। उधर, सामाजिक संस्था जीवन ज्योति सेवा मिशन के संस्थापक अजय केसले, प्रशांत कुमार ने सोनू के घर जाकर उसकी आर्थिक बदहाली की जानकारी ली। संस्था जल्द ही प्रशासन और मुख्यमंत्री पोर्टल के माध्यम से सोनू के परिवार को शासन की सुविधाएं दिलाने की आवाज उठाएगी। (संवाद)
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परिवार की आर्थिक स्थिति खराब
नजीबाबाद। सोनू की आर्थिक स्थिति खराब है। सोनू का कहना है कि पहले ई-रिक्शा चलाता था। मानसिक बीमारी के बाद से उसने ई-रिक्शा चलाना छोड़ दिया। फिलहाल शादी व अन्य अवसरों पर ढोल बजाकर और पत्नी के सहयोग से आसपास सफाई करके वह बच्चों का पेट पाल रहा है। जिस खस्ताहाल छप्परनुमा मकान में सोनू रहता है उसकी अपनी जमीन है। आर्थिक स्थिति बदहाल होने से वर्षों पहले उसके चाचा ने दो कच्चे कमरे बनवाए थे, जिसमें से एक खस्ताहाल कमरे के बाहर छप्पर डालकर सोनू का परिवार रह रहा है।
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