कृषि वैज्ञानिकों को गन्ने में मिला पोक्का बोईंग रोग
बिजनौर। गन्ना शोध केंद्र मुजफ्फरनगर से आई कृषि वैज्ञानिकों की टीम ने हल्दौर क्षेत्र में गन्ने के खेतों का निरीक्षण किया। कुछ जगहों पर गन्ने में पोक्का बोईंग बीमारी का असर मिला। इसे खत्म करने के लिए रसायनों के छिड़काव के सुझाव दिए।
कृषि वैज्ञानिक डा.अवधेश डागर व कीट वैज्ञानिक डा.अजय चौहान ने हल्दौर क्षेत्र के कई गांवों के खेेतों में गन्ने की फसल को देखा। उन्हें फसल में कीटजनित कोई रोग नहीं मिला। लेकिन कई जगह पर फसल में पोक्का बोईंग का प्रकोप मिला। पोक्का बोईंग में गन्ने के पौधे की वृद्धि नहीं होती है और ही गन्ना फूलता है। किसानों से कॉपर ऑक्सीक्लोराइड के घोल का स्प्रे एक बार अब और एक बार 15 दिन बाद फसलों पर करें। बिलाई चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक परोपकार सिंह ने कहा कि खेतों में इस बार गन्ने की बहुत अच्छी फसल खड़ी है। किसानों की मेहनत से फसल पिछले साल से भी ज्यादा अच्छी है। उन्होंने किसानों से जैविक खेती भी अपनाने को कहा। इस दौरान सीनियर मैनेजर संजीव शर्मा भी मौजूद रहे।