बिजनौर। ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में जिले में 551 समझौते हुए और 15 हजार करोड़ से ज्यादा निवेश का दावा किया गया। सत्यापन हुआ तो 245 समझौते केवल कागजी निकले और धरातल पर आने से पहले ही इन्हें रद्द कर दिया गया। इनमें अधिकांश पशु पालन करने वाले थे। वहीं 40 से ज्यादा निवेशक ऐसे निकले, जिन्हें बाद में याद आया कि उनका आइडिया निवेश के लिए अच्छा नहीं है।
जिले में जब ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी हुई तो निवेशकों की लाइन लग गई। अफसर और नेताओं से के साथ खूब फोटो भी खिंचवाए गए। करोड़ों के निवेश करना का वादा किया गया। उस समय निवेश के वादे का आंकड़ा 15 हजार करोड़ को पार कर गया। समय बीता तो असली निवेशक ही मैदान में रह गए। चेहरा चमकाने और अफसरों से नजदीकी बढ़ाने वाले निवेशक गायब हो गए। इनकी संख्या एक या दो में नहीं, बल्कि 245 है। यह समझौते विभाग रद्द कर चुका है। इनमें से 100 से ज्यादा ऐसे हैं, जिनके नंबर तक नहीं लग रहे। वहीं करीब 100 केवल वादा कर रहे थे, निवेश के लिए रूचि नहीं दिखा रहे थे। 40 से ज्यादा को वादे में किया गया निवेश का आइडिया ही पसंद नहीं आया और पीछे हट गए।
वर्तमान में 324 समझौते हैं प्रक्रिया में
इस समय 324 समझौते प्रक्रियाधीन है। इनमें ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में 154 तैयार हो चुके हैं। कॉमर्शियल प्रोडक्शन के 63 समझौते हैं। इसके अलावा 99 समझौते अभी तक इनमें भी पेंडिंग है, जिनका सत्यापन चल रहा है। 13 प्रोजेक्ट को होल्ड पर डाला गया है तो 22 अंडर कंस्ट्रक्शन चल रहे हैं। विभाग का कहना है कि 16 समझौते प्रोसेस में हैं, जिन्हें धरातल पर उतारे जाने की उम्मीद है।
बड़ी डेयरीफार्म के दिखाए थे सपने
150 से ज्यादा रद्द समझौते ऐसे थे, जिनमें निवेशकों ने जिले में दूध क्रांति लाने के सपने दिखाए थे। एक एक समझौता एक करोड़ से ज्यादा का था। किसी को 100 गाय पालनी थी तो कोई एक हजार गाय-भैंस पालने का दावा कर रहा था। जैसे-जैसे समय बीता, अधिकांश ने मोबाइल नंबर ही बंद कर लिया।
ऐसे हुआ सत्यापन, अब डीएम ही रद्द कर सकेंगे समझौते
ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में जिन निवेशकों ने समझौते किए थे, उनसे विभाग संपर्क कर रहा है। इसके बाद उन्होंने जमीन खरीदी या नहीं, प्रोजेक्ट पर काम कितना आगे बढ़ाया आदि बिंदु देखे जा रहे हैं। जिस प्रोजेक्ट को लगाना है, उसके लिए एनओसी की प्रक्रिया पूरी की या नहीं, इसे भी देखा गया। इन सभी बिंदुओं पर खरा न उतरने वाले 220 से ज्यादा समझौते उद्योग विभाग रद्द कर चुका था। वहीं अब समझौता रद्द करने के लिए डीएम स्तर से भी अनुमति को अनिवार्य कर दिया गया है। अब डीएम स्तर से भी 20 से ज्यादा समझौते रद्द हुए हैं।
बिजनौर को 5800 करोड़ का लक्ष्य प्राप्त हुआ था। हम जिले में 5846 करोड़ के 178 एमओयू ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के लिए तैयार किए गए। 17585 लोगों को रोजगार प्राप्त होना है। हमने लक्ष्य प्राप्त कर लिया है। वहीं जो निवेशक काम नहीं कर रहे या संपर्क में नहीं है, सत्यापन के बाद उनके समझौते रद्द किए जा रहे हैं।
-अमित कुमार, उपायुक्त, उद्योग
जिले में साइन ऐसे साइन हुए थे एमओयू
इकाई- निवेश
पर्यटन- 1155
उद्यान क्षेत्र- 1286
हैंडलूम- 420
वन विभाग- 293
ऊर्जा क्षेत्र- 593
चिकित्सा शिक्षा- 261
डेयरी डवलपमेंट- 239
चीनी गन्ना उद्योग- 740
कृषि- 60
पशुपालन- 257
एमएसएमई- 743
आबकारी- 1325
उच्च शिक्षा- 200
इंडस्ट्रियल डवलपमेंट- 609
हाउसिंग एंड डवलपमेंट- 861
यूपीसीडा- 2018
नोट: निवेश करोड़ रुपये में है और जानकारी विभाग से ली गई है।