लावारिस मिली नवजात को उपचार दिलाते हिमांशु राजपूत।
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बिजनौर के नजीबाबाद मेंएक ओर केंद्र सरकार बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश देकर बेटियों की सुरक्षा और शिक्षा के प्रति जागरूक कर रही है। वहीं, समाज में कई लोग अब भी बेटियों की कद्र करने को तैयार नहीं हैं। गांव झक्काकी भदौला में ऐसी ही घटना सामने आई है। यहां किसी ने साड़ी में लपेटकर नवजात बिटिया को तड़पने के लिए लावारिस छोड़ दिया था। ग्राम प्रधान के परिवार ने नवजात को अस्पताल में भर्ती करा, जहां उसकी मौत हो गई।
क्षेत्र के गांव झक्काकी भदौला के ग्राम प्रधान हेमराज को किसी ने मोबाइल पर सूचना देकर बताया कि भदौला में नहर के नजदीक एक खेत पर साड़ी में लिपटी नवजात कन्या पड़ी थी। हेमराज ने स्वयं खेत पर पहुंचने से पहले अपने परिचितों को मोबाइल से जानकारी दी। इस पर जालबपुर गूदड़ के प्रधान पति हिमांशु राजपूत अपने कारोबारी साथी रुचिर राजपूत के साथ मौके पर पहुंच गए।तीनों नवजात को लेकर नजीबाबाद पहुंचे। यहां वे बच्ची को महिला अस्पताल ले गए थे। महिला चिकित्सक ने उसे बिजनौर ले जाने की सलाह दी। उसकी तबीयत खराब होने के चलते तीनों लोग उसे सेंट मैरी हॉस्पिटल ले गए, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। नवजात की मौत से लोगों पर गम का पहाड़ टूट पड़ा।