जलाभिषेक कर भोले से मांगी सुख-समृद्धि
बिजनौर। शिवरात्रि पर कांवड़ियों के बम-बम भोले के जयघोष, शिवालयों में श्रद्धालुओं के जलाभिषेक व भजनों से जनपद शिवमय रहा। सुबह से ही शिवालयों में कांवड़ियों व श्रद्धालुओं ने पहुंचकर बेलपत्र, दूध, मदार के फूल, शहद, घी आदि से शिवलिंग पर जलाभिषेक किया। साथ ही विधि विधान के साथ भगवान आशुतोष की पूजा-अर्चना की। उधर, पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम रखे। शिवालयों की ड्रोन कैमरों से निगरानी की गई।
शिवरात्रि पर भक्तों ने भगवान आशुतोष के नाम का व्रत रखा और शिवालयों में पहुंचकर जलाभिषेक किया। शहर के विभिन्न शिवालयों, झारखंडी शिव मंदिर, नगीना, हल्दौर आदि जगह जलाभिषेक किया गया। सिविल लाइन स्थित धार्मिक संस्थान विष्णुलोक पर ज्योतिषाचार्य पंडित ललित शर्मा ने स्वयं व श्रद्धालुओं को गंगा जल, दूध, दही, शहद, घी आदि से जलाभिषेक कराया। इस अवसर पर पंडिल ललित शर्मा ने कहा कि भगवान आशुतोष भोले हैं, जिन्हें 56 प्रकार के भोग की आवश्यकता नहीं है। वह एक लोटा जल से अपने भक्तों पर प्रसन्न हो जाते हैं। इस अवसर पर सरला देवी, विपिन कुमार, सीमा शर्मा, मुकेश कुमार, मनदीप, अभिलाष शर्मा, स्कंदा आदि मौजूद रहे।
बाबा फुलसंदे वालों ने कांवड़ियों को प्रसाद बांटा
फुलसंदा आश्रम की ओर से कांवड़ियों के लिए शिविर लगाया गया। शिविर में बाबा फुलसंदे वालों ने कांवड़ियों को प्रसाद के रूप में भोजन वितरित किया। उनके आश्रम के श्रद्धालुओं व अनुयायियों ने कांवड़ियों की सेवा की। बाबा की देखरेख में वैद्य करन सिंह की निशुल्क दवाई वितरित की। बाबा फुलसंदे वालों ने कहा कि तुम शिव बनकर शिव की आराधना करो, शिव की पूजा ये ही है। बोल बम का मतलब है बोल ब्रह्म, हमें सही बोलना चाहिए यानी ब्रह्म बोल, ब्रह्म बोल स्वयं के अंदर गुणों को भरो जैसे क्रोध न करना, अहंकार न करना, लोभ न करना, किसी से द्वेष न रखना। शिविर में दानी, अग्नि देवता, गरुड़, राहुल, सूरजमल, धनपति, सोहंग, आकाश, सुमन चौहान आदि उपस्थित रहे।