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UP : अमानगढ़ के जंगल में बढ़ी दहाड़, गणना के बाद राजा के कुनबे में मिले 32 बाघ तो उत्साहित हुए वन अधिकारी

Sun, 29 Oct 2023 05:28 AM IST
दुष्यंत शर्मा रजनीश त्यागी, बिजनौर

सार

जी हां पिछले साल गणना रिपोर्ट आ गई है और यहां बाघों की संख्या बढ़कर 32 हो गई है। वर्ष 2021 में हुई गणना के अनुसार अमानगढ़ में 27 बाघ थे। रिपोर्ट को देख वन अफसर भी उत्साहित है।
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बाघ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अमानगढ़ में अब दहाड़ का शोर तेज हो गया है। जी हां पिछले साल गणना रिपोर्ट आ गई है और यहां बाघों की संख्या बढ़कर 32 हो गई है। वर्ष 2021 में हुई गणना के अनुसार अमानगढ़ में 27 बाघ थे। रिपोर्ट को देख वन अफसर भी उत्साहित है। वहीं, पर्यटकों के लिए भी यह सुखद सूचना है।

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अमानगढ़ का रकबा 9500 हेक्टेयर में है। उत्तराखंड बनने से पहले यह जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क का ही हिस्सा था। आज भी इसे कार्बेट पार्क के बफर के तौर पर जाना जाता है। एक दशक पहले तक यहां पर बाघों की संख्या मात्र 12 थी, जो अब बढ़कर 32 हो चुकी है।

वन विभाग के एसडीओ ज्ञान सिंह ने बताया कि इस बार गणना रिपोर्ट में 28 बड़े बाघ और 04 शावक अमानगढ़ में होना बताया गया है। 2021 में 21 बड़े बाघ और 06 शावक थे। यह जंगल अपने आप में वन्य जीव, सैकड़ों प्रजाति के पक्षी, वनस्पति को समेटे हुए है।
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पिछले साल हुई थी गणना
डीएफओ अरुण कुमार सिंह ने बताया कि पिछले साल कार्बेट पार्क के साथ ही अमानगढ़ में भी बाघों की गणना हुई थी। अमानगढ़ में बाघों को लेकर अलग से रिपोर्ट उस समय नहीं आई थी। विशेषज्ञों की टीम ने डाटा का आकलन कर अब रिपोर्ट भेजी है। इसमें 28 बड़े बाघ और 04 शावक होना बताया गया है।

एक साल पहले पर्यटकों के लिए खोला गया अमानगढ़
अभी अमानगढ़ के अंदर वन विभाग ने पर्यटकों ने 30 किलोमीटर ट्रैक घूमने के लिए निर्धारित किया है। यदि फीस की बात करें तो फिलहाल एक जिप्सी में पांच लोगों को जाने की अनुमति होगी और पर्यटकों को इसके लिए 2280 रुपये का शुल्क देना होगा। इसमें प्रति पर्यटक 200 रुपये, एक गाइड के लिए 400 रुपये शुल्क देना होगा।

अमानगढ़ में बाघों का कब्जा, जंगल छोड़ रहे गुलदार
गणना रिपोर्ट की माने तो प्रति बाघ का क्षेत्र अब दो वर्ग किलोमीटर रह गया है। हालांकि माना जाता है कि पहले बाघ का दायरा पांच वर्ग किलोमीटर तक रहता था। ऐसे में लगातार बढ़ती बाघों की संख्या से गुलदार जंगल से बाहर आ रहे हैं। इसकी गवाही आंकड़े दे रहे हैं। इस साल की बात करें तो 35 से ज्यादा गुलदार आबादी क्षेत्रों से पकड़े जा चुके हैं। इस साल जिले में गुलदार के हमलों में 16 लोग जान गवां चुके हैं। माना जा रहा है कि बाघों को कड़ी टक्कर देने में नाकाम गुलदार अब आबादी की ओर रुख कर रहे हैं। गुलदार के खेतों में जाने से बाघों के लिए जंगल में प्रतिस्पर्धा भी कम हुई है।

अमानगढ़ में वन्यजीवों की स्थिति

  • बाघ 32
  • गुलदार 45
  • चिकारा 06
  • काला हिरन 50
  • सांभर 226
  • बारहसिंगा 37
  • भालू 9
  • मोर 1074


(नोट: आंकड़े वन विभाग से लिए गए हैं।)

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