बिजनौर में 6:40 पर कुछ इस तरह दिखाई दिया चंद्र ग्रहण का नजारा संवाद
बिजनौर। होली त्योहार पर करीब 122 साल बाद चंद्रग्रहण का दुर्लभ संयोग बना है। होली पर लगे ग्रहण के चलते अधिकांश जगहों पर सोमवार की रात तीसरे पहरे में होलिका दहन किया गया जबकि कुछ जगहों पर ग्रहण के बाद मंगलवार की शाम दहन हुआ। उधर आज बुधवार को धुलेंडी पर रंग उत्सव मनाया जाएगा।
पंडित विजय भारद्वाज ने बताया कि लगभग 122 वर्षों बाद ऐसा संयोग बना है, जब होली के पर्व पर चंद्रग्रहण पड़ा है। उन्होंने कहा कि ग्रहण काल में धार्मिक कार्यों को लेकर विशेष सावधानी बरती जाती है, इसलिए कई स्थानों पर मुहूर्त का विशेष ध्यान रखा गया। होलिका दहन के बाद अब लोगों ने रंग उत्सव की तैयारियां तेज कर दी हैं। बाजारों में गुलाल, पिचकारी और मिठाइयों की खरीदारी जोरों पर रही। बच्चे और युवा रंग खेलने को लेकर उत्साहित दिखे। बुधवार को रंगोत्सव मनाया जाएगा, जिसके लिए प्रशासन और पुलिस भी सतर्क है। ग्रहण के विशेष संयोग ने इस बार की होली को ऐतिहासिक बना दिया है, जिसे लोग लंबे समय तक याद रखेंगे।
हुड़दंग की आड़ में शांति में खलल डालने वालों से निपटेगी पुलिस
धुलेंडी को लेकर पुलिस ने भी खाका तैयार किया है। खासकर जिले में सेक्टर व्यवस्था को लागू कर दिया। पुलिस के साथ-साथ पीएसी भी तैनात की गई। आज निकलने वाले रंग जुलूस में ड्रोन से भी नजर रखी जाएगी। वहीं रंग जुलूस के मार्ग में पड़ने वाली मस्जिदों को तिरपाल से ढकवाया गया है।