बिजनौर में प्रशासन किसानों के गन्ना भुगतान को लेकर सख्त हो गया है। डीएम सुजीत कुमार ने चीनी मिलों से कह दिया है कि बैठक में जो निर्देश दिए जा रहे हैं, उन पर अमल होना चाहिए। गन्ना पेमेंट को लेकर कोई बहाना नहीं चलेगा। ढील सामने आने पर सीधे कार्रवाई होगी। डीएम ने भुगतान को लेकर वेव ग्रुप के ढुलमुल रवैये पर डीसीओ को हिदायत दी है कि ग्रुप की बिजनौर, चांदपुर चीनी मिलों की अलग से स्पेशल बैठक बुलाई जाए।
जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह के अनुसार डीएम ने गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर चीनी मिलों की मंगलवार को बैठक बुलाई थी। बैठक में सभी नौ चीनी मिलों के प्रतिनिधि आए। डीएम को बताया गया कि बिजनौर मिल पर पिराई सीजन 2017-18 का 35.63 करोड़, चांदपुर मिल पर 26.32 करोड़ बकाया है। दोनों मिल वेव समूह की हैं। सभी नौ चीनी मिलों पर चालू पेराई सीजन का करोड़ों की देनदारी हो गई है। डीएम ने मिलों से कह दिया है कि उन्होंने किसानों से गन्ना खरीदा है, इसलिए गन्ने का भुगतान भी उन्हें ही करना है। भुगतान कहां से और कैसे करना है, यह चीनी मिलों को सोचना है। शासन व प्रशासन के लिए किसानों का हित पहले है। मीटिंग में पूरी तैयारी के साथ वे ही मिल अधिकारी आएं जो भुगतान के बारे में जवाब देने और कोई निर्णय लेने में सक्षम हों। भुगतान में कोई बहाना नहीं चलेगा, ढील पर सीधे कार्रवाई निश्चित है।
डीएम ने कहा कि चीनी मिलों का गन्ना भुगतान का शेड्यूल बना दिया गया है। उस पर अमल होना चाहिए। डीसीओ के मुताबिक डीएम ने कह दिया है कि गन्ना भुगतान को लेकर चीनी मिलों की बैठक हर सप्ताह बुधवार को होगी। बिजनौर, चांदपुर मिलों की इसके अतिरिक्त बीच बीच में स्पेशल बैठक बुलाई जाए। दोनों मिलों की पहली स्पेशल बैठक 22 फरवरी को है। डीसीओ के अनुसार बिजनौर, चांदपुर मिलों से पिछले सीजन का बकाया भुगतान 25 फरवरी तक करने को कहा गया है। चालू पेराई सीजन का बिलाई 25 फरवरी तक 40 करोड़, बिजनौर, चांदपुर दिसंबर तक का, धामपुर 27 जनवरी तक का, स्योहारा 28 जनवरी तक का, बरकातपुर पांच जनवरी तक का भुगतान करें। बूंदकी मिल ने 11 फरवरी तक, नजीबाबाद चीनी मिल ने पांच फरवरी तक का और बहादरपुर मिल ने चार फरवरी तक का भुगतान करने को कहा है।
किसानों को गन्ना भुगतान दिलाना प्राथमिकता : डीएम
बिजनौर में जिले के डीएम सुजीत कुमार ने कहा कि वह किसानों के गन्ने का भुगतान दिलाने को प्राथमिकता देंगे। जनता की जनसमस्याओं का निदान कराने में कसर नहीं छोड़ेंगे। गन्ना भुगतान से जुड़ी सभी जानकारी जुटा ली है। कार्यभार ग्रहण करने के बाद पहली बार पत्रकार वार्ता करते हुए डीएम ने कहा कि किसानों की समस्या शासन स्तर तक पहुंचाई जाएगी। वे चाहेंगे कि किसानों को कोई दिक्कत न रहे। पिछले दिनों गन्ना भुगतान को लेकर जो कुछ हुआ है यह सब कुछ शायद शासन स्तर तक नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि शासन की सभी योजनाओं को ईमानदारी से लागू किया जाएगा। पीड़ितों को न्याय दिलाने, जनसमस्याओं के निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर होंगे।