ऑनलाइन कक्षाओं के संचालन पर प्रशासन सख्त
बिजनौर। प्रशासन ने लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन कक्षाओं के संचालन को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। टाइमटेबल के अनुसार पीरियड नहीं लेने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। दूसरे दिन ऑनलाइन कक्षाओं में छात्र-छात्राओं की संख्या बढ़ी है। शिक्षा विभाग का फोकस कक्षाओं के फुल टाइम नियमित संचालन पर है।
लॉकडाउन के दौरान छात्र-छात्राएं घरों पर हैं। लॉकडाउन का शत प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने तथा छात्रों की पढ़ाई का नुकसान रोकने के लिए 20 अप्रैल से ऑनलाइन कक्षाएं शुरू हुई हैं। दूसरे दिन ऑनलाइन कक्षाओं में करीब 1500 छात्र-छात्राओं की संख्या बढ़ी है। डीआईओएस राजेश कुमार ने बताया कि पढ़ाने का टाइमटेबल है। हर शिक्षक को पूर्व शैक्षिक पंचांग के अनुसार पढ़ाना है। छात्रों को पढ़ाने के लिए महीनेवार कोर्स तय है। प्रधानाचार्यों पर संचालन की जिम्मेदारी है। ऑनलाइन कक्षाओं से नदारद रहने वाले शिक्षकों की लिस्ट विद्यालयवार मंगाई जा रही है। प्रधानाचार्य कक्षाएं शुरू होने से पहले व्हाट्सएप से शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज करेंगे।
छात्र ऑनलाइन पढ़ाई में दिलचस्पी ले रहे हैं। छात्र-छात्राओं ने गणित, जीवविज्ञान तथा रसायन विज्ञान में पहले दिन पढ़ाए पाठ्यक्रम में समस्याएं भेजी हैं। शिक्षक वायस मैसेज, व्हाट्सएप तथा वीडियो भेजकर इसे दूर कर रहे हैं। जीजीआईसी की जीवविज्ञान प्रवक्ता स्वाति यादव चित्रों पर आधारित समस्या को व्हाट्सएप पर चित्र भेजकर कर दूर कर रही हैं। इतिहास प्रवक्ता शर्मिला सिंह विषय के तथ्यात्मक आंकड़े वन टू वन छात्राओं को भेज रही हैं। दूसरे दिन 382 विद्यालयों के 55,234 छात्र-छात्राओं ने पढ़ाई की है। डीआईओएस ने छात्र-छात्राओं तथा उनके अभिभावकों से कहा कि यदि किसी विषय की ऑनलाइन पढ़ाई नहीं हो रही है तो डीआईओएस दफ्तर में जानकारी दें। प्रधानाचार्य छात्र-छात्राओं को शत प्रतिशत ग्रुप में जोडे़ं। डीआईओएस प्रतिनिधि निशांत यादव ने बताया कि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में आ रही इंटरनेट की स्लो स्पीड की समस्या को दूर करने के लिए आईटी कंपनियों से संपर्क किया जा रहा है।