बिजनौर। नौ मई को जिले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दौरा प्रस्तावित है। इससे पहले प्रशासन तैयारियों में जुट गया है। खासतौर से धामपुर और नगीना तहसील के करीब 17 गांवों के शरणार्थियों को जमीन पर मालिकाना हक के कागज तैयार किए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि इस कार्यक्रम में इन शरणार्थियों को जमीनों के कागज भी दिए जाएंगे।
जिले में मुख्यमंत्री का दौरा पिछले एक माह में दो बार टल चुका है। इससे पहले दो मई को दौरे की बात कही जा रही थी। अब यह तारीख नौ मई हो गई है। जहां एक ओर भाजपा के नेता भीड़ जुटाने में लगे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासन जनसभा की तैयारियों में जुटा हुआ है।
गौरतलब है कि धामपुर और नगीना तहसील के 17 गांवों में रह रहे 3856 परिवारों को इनकी जमीनों पर मालिकाना हक देने के प्रस्ताव पर कैबिनेट ने मुहर लगा दी थी। इससे अब ये किसान न केवल खेती कर पाएंगे, बल्कि अपनी गन्ने और गेहूं की फसल को सरकारी रेट पर शुगरमिल और गेहूं क्रय केंद्रों पर बेच पाएंगे। ऐसे में प्रशासन इनके नाम खतौनी में चढ़ाने की तैयारी कर रहा है। इसमें सबसे बड़ा पेंच वन विभाग को इस जमीन के बदले जमीन देने का है। इसके लिए वन विभाग से प्रशासन ने समन्वय कर लिया है और दूसरी जगह पर जमीन देने की तैयारी भी चल रही है।
एडीएम प्रशासन अंशिका दीक्षित ने बताया कि नौ मई को दौरा प्रस्तावित है। अभी अधिकारिक तिथि आने का इंतजार है। दौरे के लिए व्यवस्थाओं की तैयारियां चल रही हैं।