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Aditya Rana Encounter: प्रतिभावान खिलाड़ी कैसे बना ढाई लाख का इनामी, D-27 गैंग से लेकर एनकाउंटर तक, पूरी कहानी

Wed, 12 Apr 2023 03:00 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर

सार

डी-27 गैंग के मुखिया, ढाई लाख के प्रदेश माफिया कुख्यात आदित्य राणा का मंगलवार रात पुलिस मुठभेड़ में अंत हो गया। गांव की पगडंडियों पर दौड़कर प्रतिभावान खिलाड़ी से लेकर उसे कुख्यात अपरााध बनने और एनकाउंटर के बाद आखिरी सांस गिनने तक की पूरी कहानी आपको बताएंगे इस खबर में। 
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कुख्यात आदित्य राणा, एनकाउंटर के बाद पुलिस टीम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिजनौर जनपद में स्योहारा के गांव राणा नंगला की पगडंडियों पर दौड़कर खिलाड़ी बनने की शुरुआत करने वाला कुख्यात आदित्य राणा ढाई लाख का इनामी बन जाएगा ये शायद ही उसके परिजनों ने सोचा हो। राणा नंगला के ग्रामीणों की मानें तो आदित्य युवावस्था में अच्छा खिलाड़ी रहा। स्कूल-कॉलेज स्तर पर होने वाली दौड़ प्रतियोगिताओं में उसने कई मेडल भी झटके।

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अच्छा धावक था और पढ़ाई में भी ठीक था, तो सीआरपीएफ में भर्ती भी हो गया। लेकिन अपराध की एबीसीडी सीखी तो वारदातों की झड़ी लगा दी। शातिर इतना कि हत्या करता और पुलिस को चकमा देकर फरार होने में कामयाब हो जाता। वह कदम-कदम पर पुलिस को मात देता रहा। दो बार पुलिस को चकमा देकर हिरासत से और चार बार पुलिस घेराबंदी व फायरिंग के बीच भाग चुका था। पिछले कुछ समय से वह पुलिस के लिए बड़ा सिरदर्द बन गया था। आखिरकार मंगलवार को पुलिस ने उसे मुठभेड़ में धर दबोचा। पुलिस फायरिंग के दौरान वह घायल हो गया था। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गई। आगे पढ़ें उसके अपराध के सफर की पूरी कहानी।

आदित्य राणा। - फोटो : amar ujala
सीआरपीएफ में भर्ती होने के दौरान ही आदित्य राणा अपराध के दलदल में कूद पड़ा और कासमाबाद में 11 दिसंबर 2013 को हुई धर्मवीर की हत्या में आदित्य सहित चार के खिलाफ केस दर्ज किया गया। आदित्य ने 22 जून 2014 को मुरादाबाद के सिविल लाइंस में डॉ. जहांगीर की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इन दोनों मामलों में वह गिरफ्तार हुआ। वहीं तीन अगस्त 2017 को पेशी के दौरान कचहरी से सिपाहियों की आंखों में मिर्च झोंककर फरार हो गया था।

बदमाश आदित्य राणा - फोटो : अमर उजाला
फरार होने के दौरान ही उसने 14 अक्तूबर 2017 में अपने गांव के ही मुकेश की गोली मार कर हत्या कर दी थी। 27 सितंबर 2018 को मुकदमे की पैरवी कर रहे मुकेश के छोटे भाई राकेश की हत्या कर दी।
 
इसी दौरान बिजनौर के हल्दौर थाना क्षेत्र में अम्हेड़ा में ओमराज की हत्या की और कुछ दिन वह बिजनौर के चांदपुर थाना क्षेत्र के गोहली में इरशाद के घर छुपा था। तब एसओजी की टीम ने दबिश दी तो वह गोलियां बरसाता हुआ अपने साथी विशाल और रोहित के साथ फरार हो गया।

एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद तीन बार और पुलिस ने उसे घेरा लेकिन वह हाथ नहीं आया। पुलिस का शिकंजा कसा तो उसने कोर्ट में समर्पण कर दिया। इसके बाद फिर पेशी के दौरान मंगलवार रात शाहजहांपुर से फरार हो गया। नौ साल में आदित्य पर 41 मुकदमे दर्ज हुए।
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एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला
आदित्य राणा के खिलाफ हत्या, लूट, हमला, गैंगस्टर, डकैती और पुलिस मुठभेड़ की धाराओं में केस दर्ज हैं। स्योहारा थाने में 12, हल्दौर थाने में तीन, धामपुर में तीन, मंडावली में दो, नूरपुर में एक, हीमपुर दीपा में दो, शिवालाकलां में पांच, चांदपुर में तीन, नगीना में एक, कोतवाली देहात में दर्ज एक मामले सहित 41 मुकदमे दर्ज हैं। स्योहारा थाने में आदित्य गैंग का डी-27 के नाम से गैंग रजिस्टर्ड है। आदित्य सरगना और गांव चंचलपुर निवासी विशाल व स्वाहेड़ी निवासी रोहित उसके गैंग का सक्रिय सदस्य है।
 
फिलहाल पुलिस आदित्य राणा के शव को परिजनों को सौंपने की तैयारी कर रही है। वहीं मुठभेड़ के दौरान कई सिपाही भी घायल हुए हैं। उनका अस्पताल में उपचार चल रहा है। 
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