बिजनौर। लॉकडाउन के दौरान स्कूल बंद होने व शिक्षण कार्य नहीं होने पर फीस को लेकर चल रहे मामले में न्यायपीठ बाल कल्याण समिति ने शिक्षा विभाग के अफसरों को निर्देश दिए हैं। जिस पर बेसिक शिक्षा विभाग भी सक्रिय हो गया है। बीएसए महेश चंद्र ने फीस जमा न हो पाने की स्थिति में किसी भी छात्र का स्कूल से नाम नहीं काटने के निर्देश दिए हैं।
बीएसए महेश चंद्र के मुताबिक न्यायपीठ बाल कल्याण समिति के निर्देश पर निजी व सरकारी स्कूलों को शिक्षण कार्य व स्कूलों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं। बीएसए ने बताया कि जबरन फीस वसूली न की जाए। यदि किसी स्कूल द्वारा छात्र-छात्राओं से जबरन फीस वसूली की जाती है तो इसे क्रूरता की श्रेणी में माना जाएगा। उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि बच्चों के स्वास्थ्य को भी ध्यान में रखते हुए विद्यालय को कार्य करना होगा। साथ ही साथ शिक्षकों द्वारा छात्रों को मोबाइल पर कराए जा रहे शिक्षण कार्य के लिए भी दिशा निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि न्यायपीठ बाल कल्याण समिति द्वारा आए दिशा निर्देशों का अनुपालन जनपद में कराया जाएगा। यदि किसी निजी स्कूल में सरकारी स्कूल द्वारा छात्र छात्राओं का उत्पीड़न किया गया तो संबंधित विद्यालय के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके लिए बीएसए ने जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को भी निर्देश दिए हैं। वह अपने-अपने क्षेत्रों के निजी स्कूलों पर भी नजर रखें ताकि कोई भी विद्यालय किसी भी छात्र का उत्पीड़न न कर पाए।