बिजनौर में नगर पालिका द्वारा पंजाबी मार्केट व गांधी मार्केट में दुकानों की छत आवंटन करने में नियमों को दरकिनार करने के मामले में डीएम बी चंद्रकला ने कार्रवाई की है। डीएम ने इसके नीलामी व बोर्ड बैठक में पास प्रस्ताव को निरस्त करने की संस्तुति आयुक्त मुरादाबाद को भेजी है।
नगर पालिका द्वारा गांधी मार्केट में 32 दुकानों की छतों की नीलामी 16 लाख व पंजाबी मार्केट में 30 दुकानों की नीलामी साढ़े छह लाख रुपये में कर दी थी।
नीलामी में आरक्षण व्यवस्था का भी पालन नहीं किया गया था। नीलामी में केवल रामदर्शन अग्रवाल, संजीव मदान व अनिल गंभीर ने ही भाग लिया था। बोली लगाने वालों में से भी केवल संजीव मदान ने ही हैसियत प्रमाण पत्र जमा किया था।
दुकान बनाने की दर भी नहीं दर्शाई गईं थी व किराया भी 200 से 300 रुपये प्रति माह निर्धारित किया गया था। इन दुकानों की छतों की नीलामी का प्रस्ताव नगर पालिका बोर्ड द्वारा 18 मार्च 2016 को हुई बैठक में पारित कर दिया गया था।
इसकी शिकायत सभासद जितेंद्र राणा व पत्रकार बीडी कौशिक ने डीएम से की थी। डीएम बी चंद्रकला द्वारा कराई गई जांच में दोनों नीलामी में केवल तीन ही लोगों द्वारा बोली लगाना व अन्य अनियमितताएं बरते जाने को संदिग्ध माना गया है।
रिपोर्ट मिलने के बाद डीएम ने इस मामले में सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने बोर्ड के इस प्रस्ताव को निरस्त करने के लिए आयुक्त मुरादाबाद को संस्तुति भेजी है।