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Bijnor News: साहनपुर रियासत की 43 एकड़ जमीन सीलिंग में दर्ज की गई

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संवाद न्यूज एजेंसी
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बिजनौर/नजीबाबाद। साहनपुर रियासत की 43 एकड़ जमीन सीलिंग की जद में आ चुकी है। इसके राजस्व अभिलेखों में अमलदरामद की प्रक्रिया भी विभाग ने चालू कर दी है। दरअसल, इस जमीन के संबंध में 1983 से मामला कोर्ट में विचाराधीन था, अब हाईकोर्ट में स्टे खत्म होने के बाद प्रशासन ने यह प्रक्रिया चालू की है।
आजादी से पहले तक साहनपुर रियासत के पास एक हजार से अधिक गांव हुआ करते थे। मगर, अब मौजूदा शासन व्यवस्था में इस राजपरिवार को जमीन बचाने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। बता दें कि रियासत से संबंधित 43 एकड़ भूमि के सीलिंग का मामला वर्ष 1983 से न्यायालय में विचाराधीन था।
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हाईकोर्ट की ओर से वर्ष 2012 में मामले में स्टे खारिज हो गया था। इसके बाद जिला प्रशासन हरकत में आया और संबंधित भूमि को सीलिंग में दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हुई। तहसीलदार अमित कुमार ने अमलदरामद प्रक्रिया जारी होने की बात कही।
नजीबाबाद तहसील क्षेत्र के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित सीलिंग से संबंधित उक्त भूमि पूर्व सांसद पूर्व राजा भारतेंद्र सिंह और उनके चाचा रविराज से संबंधित बताई गई है। हालांकि इन्हें भी नहीं पता है कि उनकी कहां स्थित जमीन पर यह कार्रवाई हुई है। जिले के अन्य जमींदारों में भी मची खलबली : राजस्व विभाग के जानकारों की मानें तो एक व्यक्ति के नाम पर 60 बीघा जमीन ही रह सकती है, इससे ज्यादा जमीन सीलिंग एक्ट की जद में आकर सरकारी हो जाएगी। जिस पर भूमिहीनों को पट्टे दिए जाने का प्रावधान होता है।
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अब साहनपुर रियासत की 43 एकड़ जमीन सीलिंग में दर्ज हो रही है। ऐसे में जिले के दूसरे बड़े जमींदारों में भी खलबली मच गई है। क्योंकि जिले में तमाम जमींदार ऐसे हैं, जिनके पास हजारों बीघा जमीन है। कुछ घरानों ने सीलिंग से बचने के लिए अपने रिश्तेदारों के नाम बेनामी संपत्ति कर रखी है। वहीं कुछ बड़े काश्तकारों ने तो अपनी पत्नी को तलाकशुदा दर्शाते हुए सीलिंग से बचने का उपाय खोज रखा है।
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