संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। अपर जिला जज एवं विशेष न्यायाधीश एससी एसटी कोर्ट अवधेश कुमार ने प्रथम ने अभियुक्त मोहित कुमार को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का दोषी पाया है। जिसे आजीवन कारावास और पचास हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
थाना हीमपुर दीपा में सात सितंबर 2019 को पीड़िता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें कहा कि गांव गंधौर के रहने वाले मोहित कुमार का उसके घर आना जाना था। जिसने तीन साल पहले तमंचे के बल पर उसके साथ दुष्कर्म किया और मोबाइल से वीडियो बना ली। दुष्कर्म के बाद वह गर्भवती हो गई। परिवार के लोगों ने आरोपी से शादी करने के लिए कहा, शुरुआत में शादी करने के लिए हामी भर दी लेकिन बाद में इनकार कर दिया। पीड़िता की शादी परिवार वालों ने दूसरी जगह कर दी। इसके बाद आरोपी ने उसकी ससुराल में वीडियो क्लिप और फोटो भेजे और बदनाम करने लगा। जिसके कारण उसके पति ने तीन महीने के बाद ही उसे छोड़ दिया। आरोपी ने ब्लैकमेल करते हुए दोबारा शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया।
इस मामले में अदालत ने अभियुक्त हरेंद्र और बलजीत सिंह को दोष मुक्त कर दिया जबकि अभियुक्त मोहित कुमार को दुष्कर्म और एससी एसटी एक्ट के मामले में दंडित करते हुए आजीवन कारावास और पचास हजार रुपये अर्थ दंड की सजा सुनाई है। आपरेशन कंविक्शन अभियान के तहत बिजनौर पुलिस और अभियोजन विभाग ने मजबूती के साथ पैरवी की और दुष्कर्म के आरोपी को आजीवन कारावास की सजा से दंडित कराया।