बिजनौर। अनिल कुमार सोती की गला घोंटकर हत्या कर दी गई। उनकी मौत के बाद 28 बीघा बाग का इकलौता वारिस और भतीजा गौरव सोती पोस्टमार्टम हाउस तक तो पहुंचा, लेकिन अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुआ।
शुक्रवार सुबह करीब छह बजे अनिल कुमार सोती का शव उनके कर्मचारी ने बाग में बने घर में पड़ा देखा था। मौत की खबर लगते ही तमाम रिश्तेदार घर पहुंच गए, लेकिन मृतक का भतीजा और परिवार का इकलौता वारिस गौरव सोती घर नहीं पहुंचा। कुछ लोगों ने उसे तीन वकीलों के साथ पोस्टमार्टम हाउस पर देखा। उस समय तक मृतक के परिवार या रिश्तेदार का कोई अन्य व्यक्ति पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद नहीं था। कुछ देर वहां रुकने के बाद गौरव सोती वहां से चला गया। सीओ सिटी अभय कुमार पांडे ने बताया कि मृतक का भतीजा गौरव सोती, जिसे प्राथमिकी में नामजद किया गया है, अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुआ था।
कीमती जमीन पर टिकी थी प्रॉपर्टी डीलरों की नजर
अनिल कुमार सोती की करीब 28 बीघा जमीन शहर से बिल्कुल सटी हुई है। इसमें बाग लगा हुआ है। मुरादाबाद रोड पर जिस स्थान से इस बाग की सीमा शुरू होती है, वहीं से शहर के मकान और दुकानों की सीमा खत्म होती है। ऐसे में बाग की जमीन बेहद कीमती है। इस जमीन पर शहर के तमाम प्रॉपर्टी डीलरों की नजर थी। पुलिस के अनुसार, प्रॉपर्टी डीलर शैलेंद्र खन्ना उर्फ शैली और सुनील खन्ना उर्फ बबली खन्ना ने अनिल कुमार सोती के भतीजे गौरव सोती को अपने पक्ष में लेकर जमीन का एग्रीमेंट करा लिया था। जमीन में प्लॉटिंग और बिक्री को लेकर अनिल कुमार सोती का अपने भतीजे से विवाद भी हुआ था। आरोप है कि एग्रीमेंट के बाद खन्ना बंधुओं का नजदीकी नावेद बाग में पहुंचा था। उसने अनिल कुमार सोती को बाग खाली करने की धमकी भी दी थी। इसकी शिकायत अनिल ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी की थी।