सफाईकर्मी ने फर्जीवाड़ा कर निकाल लिए हैं कई उपभोक्ताओं के खाते से 60 लाख रुपये
जांच कराने के आश्वासन पर ही तीन घंटे बाद मामला शांत हुआ
संवाद न्यूज एजेंसी
पैजनिया (बिजनौर)। गांव पावटी के प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक के सफाई कर्मी सन्नी द्वारा फर्जीवाड़ा कर किसानों के कृषि कार्डों से निकाली गई रकम करीब 60 लाख तक पहुंच गई। आक्रोशित खाता धारकों ने बैंक प्रबंधक और कैशियर को बंधक बना कर अपने बीच बैठा लिया। जांच कराने के आश्वासन पर ही तीन घंटे बाद मामला शांत हुआ।
बुधवार को फर्जीवाड़े की जानकारी मिलते ही सैकड़ों खाताधारक राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के प्रदेशीय महासचिव कैलाश लांबा के नेतृत्व में बैंक पहुंच गए और जमकर हंगामा काटा। बैंक प्रबंधक और कैशियर को बंधक बनाकर अपने बीच बैठा लिया।
बैंक खाता धारकों के अनुसार पावटी निवासी रामकुमार के खाते से एक लाख, महेंद्र सैनी के खाते से साढ़े तीन लाख, कोमल सैनी के दो लाख, शीशराम के तीन लाख, कमला देवी के साढ़े चार लाख, जयपाल के तीन लाख, हनीफ के पांच लाख,विमल के दो लाख सहित सैकड़ों अन्य खाताधारकों के खाते से कुल 60 से 70 लाख रुपये हेराफेरी कर निकाले गए है।
इस संबंध में शाखा प्रबंधक दीपक पांडेय ने बताया कि आरोपी सफाई कर्मी सन्नी पुत्र मूलचंद वर्मा उनकी तैनाती से पूर्व से ही बैंक में कार्यरत था। मामले की जांच रीजनल मैनेजर राजेंद्र सिंह द्वारा की जा रही है। दोषी कर्मियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रबंधक के जवाब से असंतुष्ट किसान पैसा वापस दिलाने की मांग पर अड़ गए और बैंक कर्मियों पर आरोपी सफाईकर्मी से हमसाज होने का आरोप लगाने लगे। प्रदेश महासचिव कैलाश लांबा ने 21 अक्तूबर तक सभी खाताधारकों का पैसा न लौटाने पर 22 अक्तूबर को जिला मुख्यालय पर महापंचायत की चेतावनी दी।
आश्वासन के बाद बैंक प्रबंधक और कैशियर को छोड़ा
बैंक कर्मियों के आश्वासन के बाद किसानों ने करीब तीन घंटे बाद बैंक प्रबंधक और कैशियर को मुक्त कर दिया। बैंक में हंगामे की सूचना पर पहुंची हल्दौर थाना पुलिस ने बताया कि किसानों की लिखित शिकायत प्राप्त होने पर बैंक में लगे सीसी कैमरों की फुटेज के आधार पर मामले की जांच एंटी फ्राड सेल से कराई जाएगी।