बिजनौर में पंचायतराज विभाग द्वारा आयोजित कार्यशाला में पांच ब्लाक के ग्राम प्रधानों को शासन की योजनाओं की जानकारी दी गई। डीएम वी के आनंद ने जिले को खुले शौचालय से मुक्त कराने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रधान योजनाओं का लाभ गांव के हर व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित करें।
नजीबाबाद रोड स्थित कृष्णा बैंक्वेट हाल में शुक्रवार को पंचायतराज विभाग की ओर से कार्यशाला हुई। इसमें मोहमदपुर देवमल, हल्दौर, कोतवाली, किरतपुर तथा नजीबाबाद ब्लाक के 516 नवनिर्वाचित प्रधानों ने भाग लिया। विकास, पंचायतराज, प्राथमिक शिक्षा समेत कई विभागों के विभागाध्यक्षों ने अपने विभाग की शासन की 29 योजनाओं की जानकारी दी।
डीएम ने कहा कि प्रधानों को गांव की तस्वीर बदलनी है। खाद्य सुरक्षा अधिनियम का क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर बल देते हुए प्रधानों से कहा कि यदि राशन वितरण में गड़बड़ी दिखाई दे तो उन्हें बताए। प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए प्रधानों का सहयोग मांगा। मिड डे मील पर निगरानी जिले की कमेटी रखेगी।
विकास कार्य धरातल पर दिखाई दें। निर्माण कार्यो की फोटोग्राफी कराए। गड़बड़ी मिलने पर एफआईआर होगी। पंचायत सेकेट्री तथा रोजगार सेवक प्रधानों का सहयोग करें। डीएम ने गांव में सफाई रखने, आंगनबाड़ी केंद्रों पर 15 दिन में शौचालय की व्यवस्था करने पर जोर दिया। उनका कहना था कि वित्तीय वर्ष के आखिर तक 145 गांवों को खुले शौचालय से मुक्त कराना है। जिले में साढ़े तीन लाख शौचालय बनेंगे। इस मौके पर सीडीओ डा. इंद्रमणि त्रिपाठी समेत विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
प्रधान के पतियों की नहीं होगी दखलंदाजी
अब ग्राम पंचायतों के कामकाज में प्रधान पतियों की दखलंदाजी नही चलेगी। प्रधानों के कार्यक्रम में भी प्रधान पति मीटिंग हाल से बाहर ही चहलकदमी करते रहे। डीएम वीके आनंद ने कहा कि महिलाओं को संविधान में जो अधिकार मिले हैं, वे उन्हें समझे। पंचायत लोकतंत्र की पहली सीढ़ी है। निर्वाचित प्रधान ही ग्राम पंचायतों की मीटिंग में आए।
प्रधान होंगे सम्मानित
डीएम वीके आनंद ने कार्यशाला में बताया कि ग्राम पंचायत के विकास में सराहनीय सहयोग करने वाले प्रधानों को सम्मानित किया जाएगा। प्रधान लोकतंत्र की रीढ़ है।
प्रधानों के साथ खाना खाया
डीएम ने प्रधानों के साथ खाना खाया। इससे प्रधान खुश नजर आए। कार्यक्रम में प्रधानों को डिब्बे में पैक खाना बांटा गया था। कर्मचारी डिब्बे बांट रहे थे। डीएम ने कर्मचारी को बुलाकर डिब्बा लिया तथा खाना शुरू कर दिया। सीडीओ समेत अन्य अधिकारियों ने भी वहां खाना खाया।