बिजनौर में नोटबंदी के विराेध में कांग्रेसियों ने शहर की गलियों में प्रदर्शन किया और गांधी पार्क में बैठक की। कांग्रेेसियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कांग्रेसी पार्टी कार्यालय पर एकत्र हुए और नोट बंदी से बैंकों की लाइन में लगे उपभोक्ताओं की मौत पर शोक व्यक्त किया गया।
इसके बाद कांग्रेसियों ने जिलाध्यक्ष बाबू डूंगर सिंह, जिला प्रभारी मोहम्मद जाहिद, विधायक पंकज मलिक, सलीम मलिक के नेतृत्व में सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेसियों ने नोट बंदी को गलत बताते हुए नारेबाजी की और रोडवेज चौराहा, शंभा बाजार, डाघर चौराहा, बुल्ला का चौराहा होते हुए गांधी पार्क पहुंचे। वहां बैठक में वक्ताओं ने कहा कि नोट बंदी से पहले कोई व्यवस्था न किए जाने के कारण जनता को परेशानी उठानी पड़ रही है। जनता को पूरे दिन बैंकों और एटीएम की लाइन में लगना पड़ रहा है, फिर भी उनको रुपये नहीं मिल पा रहे हैं। वक्ताओं ने मोदी सरकार पर फेल होने का आरोप लगाया।
इस दौरान हरेंद्र त्यागी, राजेंद्र अवाना, फूल कुंवर सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष सुधीर पाराशर, हुमायूं बेग, मीनू गोयल, नजाकत अलवी आदि मौजूद रहे। उधर, नजीबाबाद में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री का पुतला फूंका। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि सरकार ने 500 और 1000 रुपये के नोट का प्रचलन बंद कर देश भर में अव्यवस्था का माहौल पैदा कर दिया है। सोमवार को कृष्णा टाकीज चौराहे पर कांग्रेस कार्यकर्ता एकत्र हुए। कांग्रेसियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने नए नोटों को लेकर लोगों को हो रही परेशानियों के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने घोषणा पत्र में विदेशों में जमा काला धन लाने की बात कही थी। मगर उन्होंने 500-1000 के नोटों का प्रचलन बंद कर देश में ही जटिल आर्थिक समस्याएं पैैदा कर दी हैं। गुस्साए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री का पुतला फूंककर रोष जताया। कई जगहों पर कांग्रेसी हंगामा करते रहे। प्रदर्शनकारियों में ओमप्रकाश चोपड़ा, सुखचैन लाल, गौरव अग्रवाल, अभिनव अग्रवाल, शाही अराफात, शारिब अंसारी, रिहान, नवाज, रियासत, दानिश, सरताज आदि शामिल रहे।