एक सच्चा अभिभावक खो दिया: मुंशी रामपाल
नगीना (बिजनौर)। राष्ट्रीय लोक दल के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभारी व बिजनौर लोकसभा क्षेत्र से राष्ट्रीय लोक दल के सांसद रहे नगीना निवासी मुंशी रामपाल का कहना है कि चौधरी अजीत सिंह के निधन से उन्होंने अपना एक सच्चा अभिभावक खो दिया। उनका कहना है कि चौधरी अजीत सिंह अपनी बात व वायदे के बहुत पक्के थे तथा गरीबों मजदूरों किसानों की लड़ाई को जीवन प्रयत्न लड़ते रहे। जितना सम्मान अजीत सिंह ने उन्हें दिया उसे शब्दों में बयान नहीं कर सकते हैं।
राष्ट्रीय लोकदल के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अजीत सिंह के भरोसेमंद सांसद रहे पूर्व सांसद मुंशी रामपाल बताते हैं कि आज सुबह जब उन्हें चौधरी अजीत सिंह के निधन का समाचार मिला तो वह सकते में पड़ गए। वह बताते हैं कि 2004 के लोकसभा चुनाव में जब समाजवादी पार्टी व राष्ट्रीय लोकदल का गठबंधन हुआ और बिजनौर सीट लोकदल के खाते में आ गई, तो टिकट को लेकर काफी मारामारी मची हुई थी। तमाम लोगों ने चौधरी साहब को प्रलोभन तक देने का प्रयास किया लेकिन उन्होंने बिना किसी लालच के उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें बुलाकर टिकट दिया था तथा वह बिजनौर लोकसभा से सांसद बनने में कामयाब हो गए थे।
उनका कहना है कि 2009 के चुनाव में उन्हें एक बार फिर पार्टी ने चुनाव लड़ाया था भले ही वह चुनाव में भी हार गए थे। जबकि एक बार उनकी बेटी रचना पाल को नगीना विधानसभा से चुनाव लड़ा कर उन्होंने मेरे परिवार पर विश्वास जताया था। उनका कहना है कि 2007 में एक बार कांग्रेस गठबंधन सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आया था तमाम प्रलोभन को दरकिनार करते हुए वह चौधरी अजीत सिंह के साथ डटे रहे तब से उनका उन पर विश्वास और अटूट हो गया था। उनका कहना है कि चौधरी अजीत सिंह के निधन से पार्टी को तो क्षति पहुंची ही है उन्हें जीवन भर उनकी कमी महसूस होती रहेगी।